गोबिंदसागर-कोलडैम में डाला 8.93 लाख बीज

By: Jun 16th, 2024 12:56 am

दूसरे चरण के लिए बाहरी राज्यों से की जाएगी बीज की खरीददारी, जल्द कॉल किए जाएंगे टेंडर

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बिलासपुर
15 जून। मत्स्य विभाग ने प्रदेश के बड़े जलाशयों में सीड स्टॉकिंग का कार्य शुरू कर दिया है। गोबिंदसागर झील में 90 से 100 एमएम साईज का बीज डाला जा रहा है। विभाग ने लगातार गोबिंदसागर और कोलडैम में मछली बीज डाला। पहले चरण में इन दोनों ही जलाशयों में कुल 8,93,469 मछली बीज डाला जा चुका है, जबकि दूसरे चरण में बाहरी राज्यों से बीज आयात करने के लिए टेंडर लगाए जाएंगे। मत्स्य विभाग के बिलासपुर में कार्यरत सहायक निदेशक पंकज ठाकुर ने बताया कि गोबिंदसागर और कोलडैम जलाशयों में बीज डालने की शुरूआत कर दी गई है। तीन दिन लगातार बीज डालने का कार्य किया गया जिसमें स्थानीय मत्स्य सहकारी सभाएं और मछुआरे उपस्थित हुए। 11 जून को गोबिंदसागर में ऊना जिला के रायपुर मैदान में 90 से 100 एमएम साईज का 2,92,984 बीज डाला गया।

यह बीज बिलासपुर के घागस स्थित दयोली मत्स्य बीज फार्म में कॉमन कार्प वेरायटी का तैयार किया गया बीज था। 12 जून को भी बीज डालने का कार्य सुचारू रूप से चलता रहा जिसके तहत नालागढ़ बीज फार्म में तैयार कॉमन कार्प व अमूर कार्प वेरायटी का 90 से 100 एमएम साईज का 1,60,515 बीज रायपुर मैदान में डाला गया। 13 जून को ऊना जिला के गगरेट स्थित दयोली फार्म में तैयार कॉमन व अमूर कार्प प्रजाति की मछली का 90 से 100 एमएम साईज का 3,89,970 बीज रायपुर मैदान में डाला है। पंकज ठाकुर के अनुसार 15 जून शनिवार को मंडी जिला के अलसू मत्स्य बीज फार्म में तैयार अमूर कार्प प्रजाति की मछली का 70 एमएम साईज का 50 हजार मछली बीज कोलडैम जलाशय में कसोल नामक जगह पर डाला गया। यह बीज स्थानीय मत्स्य सहकारी सभाओं के पदाधिकारियों और मछुआरों की उपस्थिति में डाला गया।

मत्स्य आखेट पर दो महीने का पूर्ण प्रतिबंध लागू
प्रदेश के जलाशयों में मत्स्य आखेट पर दो महीने का पूर्ण प्रतिबंध लग चुका है। इस अवधि में मछली के शिकार पर पूरी तरह से रोक रहेगी


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