अरहर की दाल सबसे महंगी

एक महीने में ही बढ़े दालों के दाम, अन्य दालों पर भी 20 रुपए का इजाफा

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
पिछले एक महीने में सभी खाद्यान्नों के भाव बढ़ गए हैं। दालें 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। मसाले और ड्राईफ्रूट भी आम आदमी के बजट से बाहर हो रहे हैं। बढ़ती दालों की कीमतों ने रसोई का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। दालों के दाम एकदम से ही 15 से 20 रुपए तक बढ़े हैं। दालों के दाम बढऩे से आम लोगों ने भी दालों को खरीदने से तौबा कर दी है। लोग जहां दो से तीन किलो दालें खरीदते थे। दालों के दाम बढऩे के बाद लोग आधे पौने किलो में ही गुजारा कर रहे हैं। शिमला की अनाज मंडी में दालों की होलसेल कीमतों में 15 से 20 रुपए बढ़ोतरी हो गई है।

वहीं, राजमाह 150 रुपए प्रति किलो से लेकर 170 रुपए प्रति किलो बिक रही है। दालों के दाम बढऩे का सबसे बड़ा कारण सूखे की मार को बताया जा रहा है। दाल उत्पादक राज्यों में भीषण गर्मी के चलते फसल काफी खराब हुई है। इसके कारण शिमला शहर में भी दालों की आमद कम पहुंच रही है। कारोबारियों का कहना है कि दालों बढ़ते जा रहे थे, जो इन दिनों स्थिर हो गए हैं। अनाज मंडी के होलसेल विक्रेता चमन ने बताया कि कुछ ही दिनों में मंडी में दालों की आपूर्ति पूरी हो जाएगी, जिसके बाद दालों की होलसेल और प्रचून कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। अरहर की दाल सबसे मंहगी हुई है। हरहर की दाल एकदम ही 40 रुपए की बढ़ौतरी हुई है। वहीं अन्य दालों के दाम भी 10 से 15 रुपए तक बढ़े हैं।