कॉन्ट्रैक्ट के कारण छूट गई पेंशन का लाभ मिला

By: Jun 10th, 2024 9:28 pm

सरकार को लागू करनी पड़ी शीला देवी केस की जजमेंट

सिर्फ कमीशन से भर्ती कर्मी 30 दिन में देंगे विकल्प

अनुबंध अवधि में मौत पर नहीं मिलेगी फैमिली पेंशन

राज्य ब्यूरो प्रमुख-शिमला

हिमाचल सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक हारने के बाद आयुर्वेद विभाग से शीला देवी केस में आई जजमेंट को लागू करना पड़ा है। सोमवार को राज्य के वित्त विभाग की ओर से कार्यालय आदेश जारी कर अनुबंध अवधि की पेंशन देने की व्यवस्था कर दी गई। इस आदेश से ऐसे कर्मचारी या पेंशनरों को ओल्ड पेंशन मिल जाएगी, जिनकी दस साल की रेगुलर सर्विस कांट्रैक्ट अवधि के कारण पूरी नहीं हुई थी। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की ओर से यह कार्यालय आदेश जारी किया है। आयुर्वेद विभाग से शीला देवी केस में सात अगस्त, 2023 को आए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार को ऐसे कर्मचारियों की अनुबंध अवधि को पेंशन के लिए काउंट करना होगा, जो कांट्रैक्ट से सीधे रेगुलर हुए हैं। सिर्फ उन्हीं अनुबंध कर्मचारियों को पेंशन मिलेगी, जिनका चयन लोक सेवा आयोग या पूर्व के कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से कांट्रैक्ट पॉलिसी के तहत हुआ है। अन्य किसी एजेंसी से चयनित होकर आए कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी शर्त यह होगी कि इन कर्मचारियों में कॉन्ट्रैक्ट और रेगुलर सर्विस के बीच कोई ब्रेक न हो।

ऐसे सभी कर्मचारियों को 30 दिन के भीतर अपने हेड ऑफिस या हेड ऑफ डिपार्टमेंट के माध्यम से विकल्प देना होगा। यह विकल्प फाइनल होगा और बाद में बदला नहीं जा सकेगा। यदि किसी कर्मचारी या पेंशन में विकल्प नहीं दिया तो यह माना जाएगा कि वह कॉन्ट्रैक्ट सर्विस को सीसीएस पेंशन रूल्स 1972 के तहत काउंट नहीं करवाना चाहता। यदि रेगुलर होने के बाद कर्मचारियों की मृत्यु हो गई है, तो परिवार के सदस्य को नियमानुसार फैमिली पेंशन लगेगी। यदि बिना रेगुलर हुए अनुबंध अवधि में ही मृत्यु हो गई है, तो पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। यह विकल्प मिलने के बाद संबंधित विभाग की कंपीटेंट अथॉरिटी कॉन्ट्रैक्ट सर्विस को काउंट कर इस बारे में एक आर्डर पास करेगी, जिसे संबंधित कर्मचारियों की सर्विस बुक में भी अटैच किया जाएगा। संबंधित विभाग सभी औपचारिकता पूरा कर पेंशन केस प्रिंसीपल अकाउंटेंट जनरल को भेजेंगे।

एनपीएस लेने वालों को नहीं मिलेगी ये पेंशन

राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए कार्यालय आदेश में एक अनोखी शर्त लगाई गई है। इसमें कहा गया है कि अभी जिन कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन के बजाय नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस के लिए विकल्प दिया है, वे कॉन्ट्रैक्ट सर्विस को पेंशन के लिए काउंट करने के पात्र नहीं होंगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 15 मई 2003 से हिमाचल में एनपीएस को लागू कर दिया था, जिसे 31 मार्च 2023 को फिर से ओल्ड पेंशन में कन्वर्ट किया गया है।


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