वीकेंड पर चार हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए शिरगुल महाराज के दर्शन, व्यवस्थाओं पर बढ़ा दबाव
निजी संवाददाता-नौहराधार
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल चूड़धार में शिरगुल महाराज के दर्शनों के लिए वीकेंड पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। अनुमानित तौर पर चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से यहां की व्यवस्थाओं पर भारी दबाव देखने को मिला, जिससे समिति को काफी परेशानी उठानी पड़ी। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच चूड़ेश्वर सेवा समिति के लिए भोजन, आवास, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण बन गया। चूड़धार यात्रा के दौरान सबसे अधिक परेशानी रात्रि विश्राम की व्यवस्था को लेकर सामने आई। चूड़धार क्षेत्र में उपलब्ध सराह तथा बिस्तरों की संख्या श्रद्धालुओं की भीड़ के मुकाबले काफी कम पड़ गई। परिणामस्वरूप 100 से अधिक श्रद्धालुओं को लंगर हॉल मे
बैठकर अथवा खुले स्थानों में रात गुजारनी पड़ी।
कई श्रद्धालु देर रात तक ठहरने के लिए स्थान तलाशते रहे। हालांकि सेवा समिति के स्वयंसेवकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद श्रद्धालुओं को भोजन और आश्रय उपलब्ध करवाने का भरसक प्रयास किया। चूड़ेश्वर समिति व लोगों के अनुसार इतने बड़े स्तर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में केवल एक पुलिस कर्मी के भरोसे व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा है। समिति का मानना है कि यात्रा सीजन और वीकेंड के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तथा बचाव दल की तैनाती आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। गौरतलब है कि पुलिस कर्मचारी मनोहर चौहान को शिमला भेज दिया गया है। मनोहर चौहान वर्षों से चूड़धार क्षेत्र के जंगलों, पैदल मार्गों और दुर्गम रास्तों से भलीभांति परिचित रहे हैं।