मर्ज का इलाज डाक्टर करेंगे, अकेलेपन का उपचार ‘रोगी सहभागी’

एम्स बिलासपुर में रोगी सहभागी पहल का शुभारंभ, असहाय मरीजों की मदद के लिए परिजन और नागरिक निभाएंगे सेवा की भूमिका

दिव्य हिमाचल ब्यूरो – बिलासपुर
मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और मानवीय सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में रोगी सहभागी नामक एक अभिनव और मानवीय पहल का शुभारंभ किया गया है। यह पहल अस्पताल में उपचाराधीन उन मरीजों के लिए संबल बनेगी जो किसी कारणवश अकेले हैं या जिनके साथ देखभाल के लिए कोई परिजन मौजूद नहीं है। इस कार्यक्रम का संचालन संस्थान के कार्यकारी निदेशक डा. दिलजीत सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डा. दिनेश कुमार वर्मा तथा नर्सिंग अधीक्षक किरण मिश्रा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया जा रहा है।

पहल के अंतर्गत अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजनों एवं सहायकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सत्रों का संचालन नर्सिंग अधिकारियों द्वारा किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों को कार्यक्रम के उद्देश्य, इसकी आवश्यकता तथा सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। नर्सिंग अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी भर्ती रहते हैं जो वृद्धावस्था, पारिवारिक परिस्थितियों अथवा सामाजिक कारणों से अकेले होते हैं। रोगी सहभागी पहल के माध्यम से अस्पताल प्रशासन ने समाज के संवेदनशील नागरिकों और अन्य मरीजों के परिजनों को ऐसे जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया है।

पहल समाज में घोलेगी सेवा का रंग

एम्स बिलासपुर द्वारा शुरू की गई यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को केवल चिकित्सा तक सीमित न रखकर सामाजिक संवेदनशीलता से जोडऩे का प्रयास है। उम्मीद की जा रही है कि रोगी सहभागी कार्यक्रम अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद मरीज ों के लिए सहारा बनने के साथ-साथ समाज में सेवा और परोपकार की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेगा।

कोई मरीज खुद को अकेला महसूस न करे
इस अवसर पर नर्सिंग अधीक्षक किरण मिश्रा ने कहा कि रोगी सहभागी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में उपचाराधीन कोई भी मरीज स्वयं को अकेला या असहाय महसूस न करे।