होला मोहल्ला मेले को राज्य स्तरीय दर्जा देने की मांग तेज
कार्यालय संवाददाता-पांवटा साहिब
पांवटा साहिब की संगत और गुरु घर के प्रेमियों ने वार्षिक होला मोहल्ला मेले को राज्य स्तरीय दर्जा देने की मांग को लेकर एसडीएम पांवटा द्विज गोयल को प्रार्थना पत्र सौंपा है। संगत का कहना है कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व को देखते हुए इस मेले को राज्य स्तरीय मान्यता मिलनी चाहिए, ताकि आयोजन को बेहतर सुविधाएं मिलें और अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो सकें। पांवटा साहिब में हर वर्ष मार्च माह में होला मोहल्ला मेले का आयोजन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। यह मेला स्थानीय प्रशासन और गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब के सहयोग से श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज द्वारा खालसा पंथ की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में शस्त्र प्रदर्शन, घुड़सवारी, गुरमत संगीत और धार्मिक समागम होते हैं।
देश-विदेश से संगत यात्रा कर इस मेले में शामिल होती है और श्रद्धा के साथ माथा टेकती है। संगत ने प्रार्थना पत्र में बताया कि पांवटा साहिब सिक्ख इतिहास में विशेष स्थान रखता है। सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने अपने जीवनकाल के लगभग पांच वर्ष पांवटा साहिब की धरती पर व्यतीत किए। यहीं उनके सबसे बड़े और प्रथम सुपुत्र बाबा अजीत सिंह जी का जन्म हुआ। इसके साथ ही गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने अधर्म के विरुद्ध अपना पहला युद्ध भी यहीं लड़ा और विजय प्राप्त की। इन ऐतिहासिक घटनाओं के कारण पांवटा साहिब देश-विदेश में एक महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात है। प्रतिवर्ष होला मोहल्ला मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु देश और विदेश से पांवटा साहिब पहुंचते हैं। जिला सिरमौर में मनाए जाने वाले सभी मेलों में होला मोहल्ला सबसे बड़ा धार्मिक और ऐतिहासिक मेला माना जाता है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
