शूलिनी मेले का पहला दिन फीका झूले अधूरे रहने से मायूस लौटे लोग

निजी संवाददाता-सोलन
राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेला-2026 का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच हुआ, लेकिन पहले ही दिन मनोरंजन का प्रमुख आकर्षण बने झूले शुरू नहीं हो सके। इससे झूलों का आनंद लेने पहुंचे बच्चों, युवाओं और परिवारों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सुबह से ही ठोडो मैदान स्थित मेला परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन अधिकांश झूले फिटिंग और तकनीकी परीक्षण के अंतिम चरण में होने के कारण बंद रहे। कई स्थानों पर देर शाम तक मजदूर और तकनीकी कर्मचारी झूलों को तैयार करने में जुटे रहे।

मेले में आए लोगों का कहना था कि जब मेले की तिथि पहले से तय थी, तो उद्घाटन से पहले सभी झूलों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाना चाहिए था। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चे पूरे साल शूलिनी मेले का इंतजार करते हैं, लेकिन पहले दिन झूले बंद मिलने से उनका उत्साह फीका पड़ गया। स्थानीय लोगों ने भी तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मेले में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए। हालांकि, झूला संचालकों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी झूलों का तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक परीक्षण पूरा होने के बाद ही उन्हें आम लोगों के लिए खोला जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। लोगों को उम्मीद है कि दूसरे दिन से सभी झूले पूरी तरह संचालित होंगे और बच्चे तथा पर्यटक मेले का भरपूर आनंद ले सकेंगे। पहले दिन की इस कमी के बावजूद लोगों को विश्वास है कि आगामी दिनों में मेला अपनी पूरी रौनक के साथ नजर आएगा।