Himachal : आसमान से बरस रही आग, सूखे की जद में पेयजल योजनाएं, कई इलाकों में जल संकट

प्रचंड गर्मी से हिमाचल भर में 381 पेयजल योजनाएं प्रभावित, कई इलाकों में जल संकट

वरिष्ठ संवाददाता — शिमला

हिमाचल में पड़ रही प्रचंड गर्मी का असर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चल रही पेयजल योजनाओं पर पड़ा है। हालात यह है कि प्रदेश भर में 381 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई है। इनमें 26 पेयजल स्कीमें ऐसी है, जिन पर सूखे का असर 75 फीसदी से अधिक पड़ा है और यहां पर जल शक्ति विभाग को पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकिल्पक व्यवस्था करनी पड़ी है। आगामी दिनों में भी राज्य में गर्मी के हालात ऐसे ही रहते है, तो जल संकट ओर भी गहरा सकता है। हालांकि हीट वेब को लेकर पूर्व में मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के चलते विभाग ने पेयजल संकट से निपटने के लिए पहले ही व्यवस्था करते हुए फील्ड को भी सचेत कर दिया। बहरहाल विभाग के प्रदेश मुख्यालय से राज्य की पेयजल योजनाओं पर पूरी निगाह रखी जा रही है और फील्ड से भी रिपोर्ट ली जा रही है। जानकारी के अनुसार जल शक्ति विभाग के शिमला जोन के तहत आने वाली 23 पानी की स्कीमों पर सूखे का असर 75 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है। इनमें सोलन जिला की 16 और सिरमौर की सात पेयजल योजनाएं शामिल है। इन जिलों की प्रभावित स्कीमों को अन्य योजनाओं के साथ इंटरलिंक कर आपूर्ति को सुचारू रूप से दिया जा रहा है। वहीं जोन के तहत आने वाले विभाग के रिकांगपिओ सर्कल के कई हिस्सों में एक दिन छोड़ कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। शिमला जोन के तहत 5470 पानी की स्कीमें में से 187 प्रभावित दर्ज हुई हैं।

जिनमें 23 को छोड़ कर अन्य पर आंशिक रूप से असर दिखा है। वहीं जल शक्ति विभाग के धर्मशाला जोन के तहत आने वाले नुरपूर सर्कल की तीन स्कीमों पर भी 75 प्रतिशत से अधिक सूखे का असर दर्ज किया गया है, जबकि 12 स्कीमों पर 50 से 75 प्रतिशत के बीच आंशिक असर पड़ा है। विभागीय आंकड़ों के तहत हमीरपुर जोन के तहत आने वाले विभिन्न सर्कल में गर्मी के चलते कुल 145 पानी की स्कीमों पर आंशिक तौर पर असर दर्ज किया गया है। इसी तरह धर्मशाला जोन में शामिल कुल 29 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई है। सोमवार को राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट के तहत प्रदेश भर की 10658 पेयजल योजनाओं में से कुल 381 स्कीमें सूखे से प्रभावित हुई हैं। इनमें सूखे का सबसे अधिक असर 26 स्कीमों पर दर्ज किया गया है, जबकि 162 स्कीमों पर शून्य से 25 प्रतिशत, 142 में 25 से 50 प्रतिशत के बीच और 51 स्कीमों पर 50 से 75 प्रतिशत के बीच असर दर्ज किया गया है। ये सभी आंशिक तौर पर प्रभावित हुई हैं। इस तरह से रिपोर्ट के तहत प्रदेश भर में पेयजल योजनाओं के सूखे से प्रभावित होने की प्रतिशतता 3.57 दर्ज हुई है। उधर, जल शक्ति विभाग का कहना है कि गर्मियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में ही फील्ड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। इसके अलावा विभाग पेयजल योजनाओं पर पूरी निगाह रखे हुए है और पेयजल लाइनों में लीकेज को लेकर भी नियमित तौर पर चेक किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से पेयजल की आपूर्ति की जा सकें।

कल से आसमान से राहत की उम्मीद

अहम है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से सूर्यदेव के तेवर बिगड़े हुए है और प्रचंड गर्मी पड़ रही है। वहीं प्रदेश में अलग-अलग हिस्सों में हीट वेब को लेकर भी विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन अब 11 जून से राहत की उम्मीद भी लोगों में जरूर जगी है, क्योंकि मौसम विभाग ने बारिश को लेकर भी पूर्वानुमान लगाया है। बहरहाल अब सबकी निगाहें मौसम पर टिकी हुई हंै।