बिलासपुर में कवियों ने बयां किया प्रकृति का दर्द

साहित्यकारों से सजी बिलासपुर की शाम, परविन्द्र और प्रीति शर्मा को किया सम्मानित
कार्यालय संवाददाता – बिलासपुर
भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर द्वारा बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में साहित्यकार, कलाकार से मिलिए कार्यक्रम के तहत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का संचालन गायत्री शर्मा ने किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में साहित्यकार परविन्द्र शर्मा (साहित्य व पत्रकारिता) और प्रीति शर्मा मधु (साहित्य) को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही सुरेंद्र मिन्हास कहलूरी द्वारा लिखित पुस्तक जणेत का विमोचन
भी हुआ।

कवियों ने पर्यावरण और मानवता पर आधारित अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं
रविंद्र कुमार शर्मा : मानवता खतरे में पड़ी है यह सबको है समझाना (पहाड़ी रचना)
जीत राम सुमन : मैं पर्यावरण हूं
डाक्टर अनीता शर्मा : चलो मौसमों के अंदर घूमें
सुमन चड्डा : वनों की ऐसी कटाई अब दिखने लगी है
अरुण डोगरा : एक पेड़ गिरा था कल मगर जंगल रोया था
डाक्टर जय महलवाल : रुक जाएगी सांसें जब हम काटेगें पेड़
थैंक्स कहा
अमरनाथ धीमान, बाबू राम धीमान, इंद्र सिंह चंदेल, डॉ. अनेक राम सांख्यान, ललिता कश्यप, नरेंद्र दत्त शर्मा, नरेणु राम हितैषी, रविंद्र चंदेल कमल, सुशील पुंडीर और कौशल्या कुमारी ने भी अपनी कविताओं व गीतों के माध्यम से प्रकृति और समाज का संदेश दिया। अंत में जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।