डीसी बोलीं, आपदा की आशंका वाले स्थान चिह्नित करें, मशीनरी तैयार रखें
दिव्य हिमाचल ब्यूरो- हमीरपुर
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने मंगलवार को जिला के सभी प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को आगामी मॉनसून सीजन के मद्देनजर ऐहतियात के तौर पर आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। मॉनसून सीजन के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के संबंध में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के बाद उपायुक्त ने जिला के अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों को पहले ही चिह्नित कर लें और लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों की मशीनरी तथा अन्य संसाधनों की मैपिंग करें। होमगार्ड्स, पुलिस और स्थानीय वालंटियर्स की टीमों को आवश्यक उपकरणों सहित तैयार रखें। उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने संसाधनों की सूची डीडीएमए को प्रेषित करें, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति के दौरान इनका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिले भर में सडक़ों, भवनों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सूखे एवं खतरनाक पेड़ तुरंत हटाए जाने चाहिए। वन विभाग ने भी ऐसे लगभग 450 पेड़ चिह्नित किए हैं। इन्हें हटाने के लिए सभी संबंधित विभाग संयुक्त रणनीति तैयार करें। एडीसी अभिषेक गर्ग ने विभिन्न प्रबंधों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
20 जून तक चलेगा विशेष सफाई अभियान
उपायुक्त ने कहा कि सभी शहरी क्षेत्रों एवं सडक़ों के किनारे की नालियों और नालों की सफाई के लिए 20 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जल शक्ति विभाग पेयजल स्रोतों की सफाई सुनिश्चित करे तथा ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरिनेशन की सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखे। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग भी आवश्यक दवाइयों तथा खाद्य वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करे। जल जनित रोगों और सर्पदंश इत्यादि से बचाव के प्रति भी आम लोगों को जागरुक किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि डीडीएमए की ओर से जारी किए जाने वाले मौसम के पूर्वानुमानों, चेतावनियों और एडवायजरी से संबंधित संदेश तुरंत आम लोगों तक पहुंचाए जाने चाहिए। जिले में कहीं पर भी होने वाले नुक्सान की रिपोर्ट भी तुरंत जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में पहुंचनी चाहिए। टॉल फ्री नंबर 1077 पर भी सूचना दी जा सकती है। बैठक में आपदा प्रबंधन से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।