शोध, कौशल विकास और सतत उद्यमिता को मिलेगा प्रोत्साहन, छात्रों होंगे लाभांवित
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने राज्य में नवाचार, सतत विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में ईको थ्राइव इनोवेशन्स एलएलपी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता विश्वविद्यालय की सस्टेनेबिलिटी एंड ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव के तहत कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी, डीन सीडीसी प्रोफेसर हरि मोहन, डाक्टर रमेश ठाकुर सहित अन्य अधिकारी और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। ईको थ्राइव इनोवेशन्स एलएलपी हिमाचल प्रदेश का एक स्टार्टअप है, जिसने मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत चीड़ की पत्तियों के बायोमास से सतत उत्पाद विकसित किए हैं।
इसके संस्थापक एचपीयू के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन सेंटर से उद्यमिता प्रशिक्षण प्राप्त किया है। स्टार्टअप ने सी-कैंप बेंगलुरु और सीएसकेएचपीकेवी पालमपुर के सहयोग से अपने उत्पादों का सफल व्यावसायीकरण किया है। कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बन रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि एचपीयू अपने सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाओं और अन्य आधिकारिक आयोजनों में पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देगा। यह साझेदारी हरित प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आजीविका और अकादमिक-उद्योग सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।