धर्मशाला में सजा विधिक महाकुंभ

समाज के हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने और सांविधानिक मूल्यों पर हुआ गहन मंथन
दिव्य हिमाचल ब्यूरो, धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा द्वारा होटल धौलाधार हाइट्स में विशाल विधिक साक्षरता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। ‘मौलिक अधिकार और कर्तव्य: वर्तमान परिदृश्य’ तथा ’सशक्त, समर्थ एवं समरस समाज—संवैधानिक लक्ष्य’ विषयों पर आयोजित इस महाशिविर में देशभर के शीर्ष न्यायविदों, न्यायाधीशों, विशेषज्ञों, अधिवक्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम नाथ ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना विधिक सेवा संस्थाओं का मूल उद्देश्य है। उन्होंने नागरिकों से संविधानिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक गुरमीत सिंह संधावालिया ने न्याय की सुलभता और विधिक साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने नागरिक अधिकारों के साथ कर्तव्यों की समझ को आवश्यक बताया। शिविर में न्यायाधीश नोंगमैकापम कोटीश्वर सिंह और संजय करोल ने भी संविधान की मूल भावना और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विचार रखे। इस अवसर पर आपदा प्रभावित परिवारों को राहत राशि भी वितरित की गई। कार्यक्रम में विधि छात्राओं और युवाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण रही, जिन्होंने अधिकार और कर्तव्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। समापन सत्र में न्यायाधीश संदीप शर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।