कालेज को नियमित रूप से संचालित करने की मांग; मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, बाजार में निकाली रोष रैली
निजी संवाददाता-नौहराधार
राजकीय महाविद्यालय रोनहाट को बंद किए जाने की आशंका के विरोध में शनिवार को छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोनहाट बाजार में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कॉलेज को नियमित रूप से संचालित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘‘शिक्षा हमारा अधिकार है’’, ‘‘रोनहाट कॉलेज में ताला लगाना बंद करो’’ और ‘‘ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’’ जैसे नारों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी बाजार में रैली निकालते हुए लोगों को कालेज के महत्व और इसके बंद होने से क्षेत्र पर पडऩे वाले संभावित प्रभावों से भी अवगत कराते रहे।
सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के अध्यक्ष अभय धामटा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय रोनहाट दूरस्थ क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एकमात्र प्रमुख केंद्र है। कालेज बंद होने की स्थिति में सबसे अधिक नुकसान गरीब और ग्रामीण परिवारों के विद्यार्थियों को होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कॉलेज में करीब 70 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि नए शैक्षणिक सत्र में 30 से 40 और विद्यार्थियों के प्रवेश लेने की संभावना है। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के कई छात्र आर्थिक और भौगोलिक कारणों से दूर स्थित कालेजों में शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते। ऐसे में रोनहाट कॉलेज का बंद होना उनके उच्च शिक्षा के सपनों को प्रभावित करेगा। उन्होंने कालेज भवन निर्माण कार्य में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताते हुए इसे जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। बाद में छात्रों और स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार रोनहाट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कॉलेज को नियमित रूप से संचालित रखने की मांग की।