कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर वाहनों का दबाव, कटिंग और वन वे व्यवस्था बनी बड़ी चुनौती, स्वारघाट से कीरतपुर तक कई जगह प्रभावित हो रहा यातायात
निजी संवाददाता-स्वारघाट
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन अपने चरम पर पहुंचने के साथ ही बिलासपुर जिला से होकर गुजरने वाले कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ गया है। बाहरी राज्यों से हर रोज हजारों की संख्या में पर्यटक अपने वाहनों के माध्यम से कुल्लू.मनाली और प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही जहां पर्यटन कारोबार के लिए शुभ संकेत हैं वहीं दूसरी ओर स्वारघाट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। फोरलेन पर जगह-जगह चल रही पहाड़ी कटिंग और वन वे ट्रैफिक व्यवस्था के कारण वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगने से पर्यटकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। गर्मी की छुट्टियों और पर्यटक सीजन के चलते यह समस्या और बढ़ गई है। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के स्वारघाट क्षेत्र में इन दिनों कई स्थानों पर यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। मोड़ा टोल टैक्स बैरियर, एंट्री टैक्स गरामोड़ा टनल नंबर.1 और मेला के समीप चल रही पहाड़ी कटिंग के कारण वाहनों की रफ्तार थम रही है। इसके अलावा समलेटू, जकातखाना और भगेड़ सहित कई स्थानों पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
सुबह और शाम के समय यातायात का दबाव अधिक होने से स्थिति और विकट हो जाती है।एक ओर जहां जाम पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है वहीं पर्यटन सीजन ने बिलासपुर के होटल कारोबार को नई गति दी है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के चलते शहर के होटलों में बुकिंग बढ़ी है। बिलासपुर स्थित टूरिज्म के होटल लेक व्यू कैफे की ऑक्युपेंसी अप्रैल और मई माह के दौरान करीब 55 प्रतिशत तक पहुंच गई। होटल प्रबंधन के अनुसार इन दो महीनों में कारोबार में पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। होटल प्रबंधक तुलसीराम ठाकुर ने बताया कि अप्रैल और मई में होटल कारोबार बेहतर रहा और इन दो माह में 26 लाख कारोबार दर्ज किया गया जबकि अब तक करीब 31 लाख रुपए का कारोबार दर्ज किया जा चुका है। इसलिए पर्यटन सीजन में टूरिज्म होटल कारोबार में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन सीजन के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढऩे से होटल और अन्य पर्यटन गतिविधियों को लाभ मिल रहा है।
जाम से एंबुलेंस और मरीज भी प्रभावित
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार लग रहे जाम से आम यात्रियों के साथ-साथ गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेषकर एम्स बिलासपुर जाने वाले मरीजों के लिए समय पर पहुंचना चुनौती बन रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंसती नजर आती हैंए जिससे आपात स्थिति में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटन सीजन को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाए।
जिला प्रशासन के लिए चुनौती
पर्यटन सीजन हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में जरूरी है कि पर्यटकों को बेहतर यात्रा अनुभव मिले और स्थानीय लोगों को भी यातायात समस्या से राहत मिले। स्वारघाट जैसे प्रवेश द्वार क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन, निर्माण कार्यों की बेहतर योजना और वैकल्पिक व्यवस्था बनाना अब प्रशासन के लिए अहम चुनौती बन गया है।