पिछले साल 5.4 मीट्रिक टन रहा था यह आंकड़ा, जिला के तीन हजार किसान कोकून बेचने के लिए हैं पंजीकृत, प्रदेश में एमएसपी बढऩे से मिल रहे हैं बेहतर दाम
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बिलासपुर
13 जून। प्रदेश भर में रेशमपालन क्षेत्र में अग्रणी जिला बिलासपुर में इस लगभग 6.6 मीट्रिक टन कोकून उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले साल यह आंकड़ा 5.4 मीट्रिक टन दर्ज किया गया था। ऐसे में कोकून उत्पादन किसानों की आय का एक बड़ा विकल्प बन चुका है। जिले में कोकून उत्पादन करने वाले किसानों का आंकड़ा तीन हजार से अधिक है। प्रदेश सरकार द्वारा कोकून के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई उल्लेखनीय वृद्धि तथा खुली बोली प्रणाली के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। जिला बिलासपुर के घुमारवीं स्थित कोकून मंडी में खुली बोली के माध्यम से कोकून को 1,960 रूपये प्रति किलोग्राम तक का रिकॉर्ड मूल्य प्राप्त हुआ है जो राज्य के रेशम कीट पालन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। घुमारवीं कोकून मंडी में गांव पटटा तहसील घुमारवीं से पहुंची किसान मीरा देवी से बातचीत की तो उनका कहना है कि वह पिछले लगभग 40 से 50 वर्षों से रेशम कीट पालन का कार्य कर रही हैं इससे उन्हें काफी लाभ मिला है। वर्ष में मात्र 20 से 25 दिन रेशम कीट पालन के कार्य को बेहतर ढ़ंग से कर लिया जाए तो किसान एक अच्छी अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकता है।
उधर, रेशमपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर बलदेव चौहान’ ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रति किसान 80 रुपये में रेशम कीट का बीज उपलब्ध करवा रही है, जिससे एक किसान 15 से 20 किलोग्राम सूखा कोकून तैयार कर लगभग 20 से 25 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रहा है। इस वर्ष घुमारवीं स्थित कोकून मंडी में कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के व्यापारी खरीद प्रक्रिया में शामिल हुए हैं। प्रतिस्पर्धी बोली के कारण किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कहीं अधिक दाम प्राप्त हुए हैं। खुली बोली के दौरान कोकून को 1,960 रुपये प्रति किलोग्राम तक का रिकॉर्ड मूल्य प्राप्त हुआ है जो राज्य के रेशम कीट पालन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वहीं, ’उपायुक्त राहुल कुमार’ का कहना है कि हिमाचल सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य नीति, उद्योग विभाग के रेशम अनुभाग के सतत प्रयासों और प्रतिस्पर्धी विपणन व्यवस्था का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है।
किसानों को 1,960 रुपए प्रति किलो तक का अधिकतम मूल्य
यहां बता दें कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस वर्ष ए-ग्रेड कोकून का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,100 रुपए से बढ़ाकर 1,280 रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त बी-ग्रेड कोकून के लिए 1,225 रूपये, सी-ग्रेड के लिए 1,150 रुपए तथा इन्फीरियर गुणवत्ता के कोकून के लिए 1,000 रुपए प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है।