तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के आसपास पकड़ी खेप, शिक्षण संस्थान के दावे पर सवाल
कार्यालय संवाददाता-नगरोटा बगवां
कोटपा एक्ट 2003 भारत सरकार द्वारा तंबाकू के उपयोग को नियंत्रित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए बनाया गया एक प्रमुख कानून है जिसकी धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर इसका उपयोग निषेध है। इसी की धारा 6 ‘ख’ के मुताबिक किसी भी प्रकार का तंबाकू उत्पाद शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर दायरे में बेचने पर भी पूर्ण कानूनी प्रतिबंध है। विभाग द्वारा इन प्रावधानों का खूब प्रचार प्रसार भी समय समय पर किया जाता रहा है तथा चेतावनियों के लिए जनसंपर्क अभियान भी खूब चलाए जाते रहे हैं। इतना ही नहीं विभाग ने बहुत सारे संस्थानों को निर्धारित मानकों के तहत धूम्रपान रहित क्षेत्र के प्रमाण पत्र भी बांटे हैं। इसके बावजूद पठियार स्कूल के 100 मीटर दायरे में बीड़ी, सिगरेट और प्रतिबंधित खैनी मिलने से तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के दावे पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बड़ी मात्रा में बिक्री के लिए उपलब्ध बीड़ी, सिगरेट तथा प्रतिबंधित खैनी मिलने की घटना ने स्कूल को मिले तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के प्रमाणपत्र पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। कुछ समय पूर्व इसी स्कूल और इसके आसपास के क्षेत्र को पहले तंबाकू मुक्त घोषित कर बाकायदा प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया था जिसकी वैधता अवधि भी आज ही समाप्त हुई है। विभाग ने गुरुवार को औचक निरीक्षण के दौरान बरामद तंबाकू सामग्री को भले ही नष्ट कर दिया हो परंतु स्कूल प्रबंधन का आंखे मूंदना और निर्देशों के बावजूद निजी दुकान में प्रतिबंधित सामग्री की बदस्तूर उपलब्धता चिंताजनक है।
नोडल अधिकारी के बोल
इस संदर्भ में जब संबंधित नोडल अधिकारी डा. उमंग से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब विभाग द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया गया था उस समय निरीक्षण में सब चीजें सही पाई गईं थीं। नियमित निरीक्षण की व्यवस्था न हो पाने से यह सब चलता रहा।