ट्रंप बोले- ईरान के साथ दो-तीन दिन में समझौता होने की संभावना

न्यूयॉर्क। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर हमला नहीं करने पर सहमत हो गए हैं तथा अगले दो-तीन दिनों में ईरान के साथ समझौता होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, “हम एक बहुत अच्छे समझौते के अंतिम चरण में हैं, जो किसी भी रूप में परमाणु हथियारों की अनुमति नहीं देगा। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोल दिया जाएगा। यह दो या तीन दिनों में हो सकता है।”

उन्होंने बताया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू से उनकी बातचीत हुई है। ट्रंप ने कहा, “उन्हें (ईरान ने) निशाना बनाया और उन्होंने जवाबी हमला किया। इसके लिए मैं उन्हें दोष नहीं दे सकता। अब दोनों ने इसे यहीं रोकने का फैसला किया है। वे कम से कम अगले एक सप्ताह तक एक-दूसरे को अकेला छोड़ देंगे। मेरी मध्यस्थता में दोनों पक्ष हमले रोकने पर सहमत हुए हैं।”

ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत पर कहा कि अमेरिका चाहे तो कई सप्ताह तक ईरान पर बमबारी कर सकता है, लेकिन उससे वहां कुछ नहीं बचेगा और भारी जनहानि होगी। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्ष एक “मजबूत और प्रभावशाली समझौते” के बेहद करीब हैं। उन्होंने कहा, “ हम यह काम एक घंटे में भी कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई बड़ा अड़ंगा बचा है। हम एक अच्छे, मजबूत और प्रभावशाली समझौते के बहुत करीब हैं। अगर हम बमबारी करें, जो हम आसानी से कर सकते हैं, और दो-तीन सप्ताह तक हमले जारी रखें, तो वहां कुछ भी नहीं बचेगा। लेकिन फिर होर्मुज जलडमरूमध्य कई महीनों तक नहीं खुलेगा। बमबारी में बहुत लोग मारे जाएंगे। ऐसा कौन चाहता है? मैं तो नहीं चाहता।”

ट्रंप ने कहा कि किसी सैन्य कार्रवाई की तुलना में हस्ताक्षरित समझौता अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने दावा किया कि नाकेबंदी ने बमबारी से अधिक असर दिखाया है। उन्होंने कहा, “ नाकेबंदी बमबारी से कहीं अधिक शक्तिशाली साबित हुई है। ईरान की अर्थव्यवस्था भारी दबाव में है और आखिरकार वह समझौता करेगा।” एक सवाल के जवाब में कि क्या उन्होंने नेतन्याहू से ईरान पर हमले रोकने को कहा था, ट्रंप ने कहा, “नहीं। मैंने उनसे कहा कि जो सही लगे वह करें, लेकिन जितनी जल्दी हो सके स्थिति को शांत करें। इसका संबंध लेबनान से भी है और यह सिलसिला रुकना चाहिए।”