वरिष्ठ संवाददाता-शिमला
पूर्व विधायक नीरज भारती के ब्यान पर हिमाचल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच मंगलवार को अनुशासन समिति की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। इसके तहत एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने को सीधे तौर पर अनुशासनहीनता माना जाएगा। साथ ही पार्टी का पदाधिकारी या संगठन से जुड़ा व्यक्ति मीडिया में नहीं जाएगा और न ही सोशल मीडिया पर कोई ऐसी टिप्पणी करेगा, जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचे। किसी प्रकार की शिकायत पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष या फिर अनुशासन समिति के अध्यक्ष को लिख सकता है। समिति ने नीरज भारती को छह वर्षो के लिए संगठन और पार्टी से निष्काषित करने का भी फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार पूर्व संसदीय सचिव नीरज भारती की ओर से सोशल मीडिया के जरिए सीएम और पार्टी हाईकमान को लेकर की टिप्पणियों के बाद कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक मंगलवार को शिमला में हुई।
समिति के गठन के बाद यह पहली बैठक थी। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने की। समिति सदस्यों के तौर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, आशीष बुटेल, हरदीप बावा और अनुराधा राणा, जबकि भवानी सिंह पठानिया वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। बैठक के पश्चात मीडिया से बातचीत में समिति के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि पार्टी अनुशासन के मामले में आने वाले समय में और ज्यादा सख्त होने वाली है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को पार्टी के पदाधिकारी या फिर सरकार से शिकायत है, तो वह पार्टी अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी या फिर अनुशासन समिति के अध्यक्ष को लिखित रूप से इसे दर्ज करवा सकता है।