शिमला में राज्य स्तरीय अधिवेशन में बीएमएस ने मीड-डे मील वर्कर्ज के मासिक मानदेय में जल्द बढ़ोतरी का उठाया मुद्दा, नियमित भी करें
कार्यालय संवाददाता-शिमला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत कार्यरत हजारों रसोइयों और सहायकों की वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर बीएमएस ने सरकार से गुहार लगाई है। भारतीय मजदूर संघ ने शिमला में राज्य स्तरीय अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे मिड-डे मील कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की है। अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के माध्यम से सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें मिड-डे मील रसोइयों और सहायकों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 26 हजार करने दस वर्ष या उससे अधिक समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान ईएसआई, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करने सहित कर्मचारियों के ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं अन्य छुट्टियों के दौरान भी मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने को लेकर प्रदेश सरकार से मांग की गई है। अधिवेशन के दौरान मिड-डे मील कर्मचारियों को सम्मानजनक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग शामिल है। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगा।
अधिवेशन मिड-डे मील कर्मचारी संघ , संबद्ध बीएमएस के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें नई प्रदेश कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। सर्वसम्मति से अजुन नेगी को प्रदेश अध्यक्ष, दिला राम शर्मा को महामंत्री, किरपा राम को उपाध्यक्ष तथा मेहर सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया। संगठन ने बताया कि शेष कार्यकारिणी का गठन शीघ्र किया जाएग। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला अध्यक्ष हेत राम शर्मा और जिला सचिव देवेंद्र चोपड़ा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि मिड-डे मील कर्मचारी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लाखों बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। बीएमएस ने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद न तो उनका नियमितीकरण हुआ है और न ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। संघ ने मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।