बैंक ऑफ बड़ौदा का कारोबार 30.50 लाख करोड़ पार

ऋण और जमा में दोहरे अंक की बढ़ोतरी; एनपीए में आई कमी, 5,528 करोड़ शुद्ध लाभ

स्टाफ रिपोर्टर — शिमला

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करते हुए मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का वैश्विक कारोबार सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत बढक़र 30.50 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस दौरान वैश्विक अग्रिमों में 17.4 प्रतिशत और घरेलू अग्रिमों में 16.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वैश्विक जमाओं में 13.8 प्रतिशत और घरेलू जमाओं में 14.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ। बैंक के खुदरा कारोबार में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। ऑटो ऋण में 25.3 प्रतिशत, मॉर्गेज ऋण में 27.4 प्रतिशत, गृह ऋण में 14.7 प्रतिशत और शिक्षा ऋण में 10.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके चलते ऑर्गेनिक रिटेल ऋण पोर्टफोलियो में 18.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, कृषि, खुदरा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के ऋणों की हिस्सेदारी कुल अग्रिमों का 62.9 प्रतिशत रही।

तिमाही के दौरान बैंक की निवल ब्याज आय 9.5 प्रतिशत बढक़र 12,524 करोड़ रुपए रही, जबकि परिचालन लाभ 8,127 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। एक विशेष अपवादात्मक मद के प्रभाव के कारण बैंक का शुद्ध लाभ 1,278 करोड़ रुपए रहा। हालांकि यदि इस अपवादात्मक मद को शामिल न किया जाए तो शुद्ध लाभ 5,528 करोड़ रुपए होता। आस्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। सकल एनपीए घटकर 1.99 प्रतिशत और निवल एनपीए 0.50 प्रतिशत पर आ गया। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात 93.28 प्रतिशत रहा, जबकि पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.30 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। बैंक के चीफ फाइनांस ऑफिसर आईवीएल श्रीधर ने कहा कि मजबूत आस्ति गुणवत्ता, बढ़ते खुदरा कारोबार, नियंत्रित लागत और संतुलित ऋण वृद्धि के दम पर बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया है तथा आगे भी इसी विकास गति को बनाए रखने का लक्ष्य है।