हिमाचल किसान सभा ने इस स्थिति के लिए लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला से सटे भट्टाकुफर से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा को जाने वाला मार्ग लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। सडक़ पर गड्ढे, कीचड़ और भूस्खलन से मरीजों, उनके परिजनों तथा अस्पताल कर्मचारियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डाक्टर कुलदीप तंवर ने इस स्थिति के लिए लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सडक़ चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों की अवैज्ञानिक कटाई और पहाड़ी की लगभग 90 डिग्री पर कटिंग किए जाने से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे कई पेड़ असुरक्षित होकर राहगीरों के लिए भी खतरा बने हुए हैं।
सडक़ चौड़ीकरण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए उच्च न्यायालय के निर्देश भी हैं। चौड़ीकरण के लिए करीब 45 पेड़ काटे गए, लेकिन इसके बावजूद सडक़ की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का भी नियमित आवागमन इसी मार्ग से होता है। लगातार हो रहे भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। डाक्टर तंवर ने मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर सडक़ की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्य शीघ्र कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध सडक़ का उचित रखरखाव नहीं किया तो अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
700 मीटर सडक़ ठीक
लोक निर्माण विभाग शिमला के अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने कहा कि भट्टाकुफर से चमियाणा अस्पताल तक लगभग 700 मीटर सडक़ पूरी तरह यातायात योग्य है और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। सडक़ किनारे गिरे पेड़ों का मामला वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में है, इसलिए उनकी कार्रवाई वन विभाग करोगा।