दीवारों में गहरी दरारें, बारिश में बढ़ा खतरा; स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच, जल्द मरम्मत की उठाई मांग
निजी संवाददाता-सोलन
शहर के पुराने उपायुक्त (डीसी) कार्यालय भवन की जर्जर होती स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। भवन का एक हिस्सा लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में है और उसकी दीवारों में गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच भवन की कमजोर होती संरचना को लेकर लोगों में हादसे की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की दीवारों पर कई स्थानों पर चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। इसके अलावा दीवारों और ऊपरी हिस्से में उगे पेड़-पौधे तथा उनकी जड़ें भी भवन की मजबूती को लगातार प्रभावित कर रही हैं। लंबे समय से नियमित रखरखाव और मरम्मत नहीं होने के कारण भवन का क्षतिग्रस्त हिस्सा दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है।
मौके पर देखने से स्पष्ट प्रतीत होता है कि दीवार का कुछ भाग काफी जर्जर हो चुका है, जिससे कभी भी मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। यह भवन शहर के व्यस्त इलाके में स्थित है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पैदल राहगीर, वाहन चालक तथा आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों और बाजार में आने-जाने वाले लोग गुजरते हैं। ऐसे में यदि भवन का कोई हिस्सा अचानक क्षतिग्रस्त होकर गिरता है तो गंभीर हादसा हो सकता है। मानसून के दौरान लगातार बारिश से पुरानी इमारतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिक विकास, नवनीत, दिग्विजय, विनेश, अश्वनी, सुरेश, मोहन, सविता भल्ला, विशाखा और सुनीता ने प्रशासन से मांग की है कि भवन का जल्द तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और विशेषज्ञों से इसकी वास्तविक स्थिति का आकलन करवाया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शीघ्र शुरू की जाए तथा तब तक खतरे वाले क्षेत्र में बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। लोगों का कहना है कि समय रहते उठाए गए कदम न केवल किसी संभावित हादसे को रोक सकते हैं, बल्कि शहर की इस महत्वपूर्ण सरकारी धरोहर को भी सुरक्षित रखने में मददगार साबित होंगे।