चिट्टे पर फरनोहल पंचायत का वार, पकड़े गए तो खैर नहीं, तस्करों या पीने वालों की सूचना देने वालों का नाम रखा जाएगा गुप्त
स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
जिला की ग्राम पंचायत फरनोहल के अधिकार क्षेत्र में यदि कोई चिट्टे का सेवन करता हुआ पकड़ा गया, तो पंचायत खुद उसे पुलिस के हवाले करेगी। पंचायत को इस घातक नशे से मुक्त रखने के लिए नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले की ग्राम सभा में यह निर्णायक फैसला लिया है। इसका वकायदा प्रस्ताव पारित किया गया है तथा लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई नशा तस्करी करता है या चिट्टे का सेवन करता है, तो पंचायत को इसकी सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी तथा नशे का सेवन करने वालों और तस्करों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पंचायत की तरफ से अपनाई जाएगी। हिमाचल के कई जिला से सामने आ रहे चिट्टा सेवन के घातक परिणामों के दूरगामी दुष्प्रभावों के मद्देनजर पंचायत ने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही पंचायत ने किन्नरों की मानमानी पर भी रोक लगाते हुए फैसला लिया है। तय किया गया कि किन्नरों को बधाई के रूप में 2100 रुपए की राशि दी जाए। लोग अपनी स्वेच्छा से राशि दे सकते हैं, लेकिन किन्नर इससे अधिक की जबरदस्ती डिमांड नहीं कर सकते। पंचायत के अधिकार क्षेत्र में गरीब तबका, मध्यम वर्ग भी निवास करता है।
ऐसे में इनके लिए बधाई के रूप में भारी भरकम राशि देना संभव नहीं होता। इसलिए पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर बधाई की राशि 2100 रुपए तय की है। वहीं पंचायत ने प्रवासियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर भी फैसला लिया है। प्रस्ताव में अंकित किया गया है कि प्रवासियों का पंजीकरण जरूरी होगा। यदि कोई प्रवासी बिना पंजीकरण पंचायत के अधिकार क्षेत्र में घूमता हुआ पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में यह भी तय किया गया कि हर महीने की 20 तारीख को स्वच्छता दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान सभी मिलकर क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश देंगे। वहीं रेहड़ी फड़ी वालों को भी पंचायत की अनुमति आवश्यक कर दी गई है। कोताही न बरतें7 बिना पंचायत की अनुमति से कोई रेहड़ी-फड़ी नहीं लगा सकता।