कांग्रेस ने जीती बाजी, मंजू बनीं गगरेट नगर पंचायत की अध्यक्ष

नगर पंचायत में बहुमत होने पर भी खाली रह गई भाजपा की झोली खाली, बीजेपी के विकास कालिया को मिली उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

स्टाफ रिपोर्टर,गगरेट
नगर पंचायत गगरेट के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बुधवार को ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र की सियासत को गरमा दिया। सात सदस्यीय नगर पंचायत में स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद का चुनाव हार गई, जबकि कांग्रेस ने आखिरी क्षण तक चली रणनीतिक सियासत के दम पर हारी हुई बाजी पलट दी। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर मतदान के बाद चार-चार मत बराबर रहने से फैसला ड्रा ऑफ लॉट्स के जरिए हुआ। किस्मत ने अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का साथ दिया और मंजू ठाकुर विजयी घोषित हुईं, जबकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा के विकास कालिया के पक्ष में ड्रा निकला। नगर पंचायत चुनाव के नतीजों ने भाजपा के भीतर गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी को भी खुलकर सामने ला दिया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही भाजपा खेमे में हडक़ंप मच गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया।

मंजु ठाकुर बोलीं, यह विश्वास की जीत

नवनिर्वाचित अध्यक्ष मंजू ठाकुर ने अपनी जीत को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विधायक राकेश कालिया के नेतृत्व की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और कांग्रेस की एकजुटता ने असंभव दिख रही जीत को संभव बनाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर पंचायत के विकास और जनहित के कार्यों को
प्राथमिकता दी जाएगी।

यह सच्चाई की जीत है

विधायक राकेश कालिया ने परिणाम को कांग्रेस की रणनीतिक जीत बताते हुए कहा कि यह सच्चाई की जीत है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने पार्षदों को लेकर कांगड़ा दर्शन करवाती रही, लेकिन सच और जनसमर्थन को पराजित नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धैर्य और रणनीति के साथ चुनाव लड़ा और अंतत: सफलता हासिल की।

चुनाव अधिकारी ने की पुष्टि

चुनाव अधिकारी एवं तहसीलदार कुलताज सिंह ने बताया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर मतदान बराबरी पर समाप्त हुआ था। नियमानुसार ड्रा ऑफ लॉट्स कराया गया, जिसमें मंजू ठाकुर अध्यक्ष तथा विकास कालिया उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।

भाजपा की गुटबाजी ही हार के लिए जिम्मेदार

भाजपा नेता चैतन्य शर्मा ने हार के लिए पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के सभी लोग एकजुट रहते तो अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में जाता। मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए।

भाजपा में बवाल

अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की जीत की घोषणा होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। विधायक राकेश कालिया के समर्थकों ने नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया। वहीं, भाजपा खेमे में माहौल पूरी तरह बदल गया। भाजपा नेता चैतन्य शर्मा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने ही संगठन और नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताई। चुनाव स्थल के बाहर भाजपा नेताओं ने गुटबाजी और संगठनात्मक विफलता को हार का कारण बताया।