भरी बरसात में भी द्रुग खड्ड, मटयाल, बेला में सरेआम अवैध खनन

विभाग सब देखते हुए भी खामोश, छलनी हो रहे नदी-नाले, लोगों ने खनन माफिया पर लगाम कसने के लिए उठाई आवाज

निजी संवाददाता-भराड़ी
जिला बिलासपुर के अंर्तगत ग्राम पंचायत मरहाणा और पंतेहड़ा पंचायत के बीच बहने वाले दरुग खड्ड नाले में अवैध खनन माफिया का तांडव चरम पर है। दिनदहाड़े सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां खड्ड को लूट रही हैं और पुलिस व खनन विभाग इसके ऊपर कोई ध्यान नहीं दे रहा। बरसात के मौसम में भी खनन माफिया के हौंसले पूरी तरह से बुलंद हैं। लेकिन संबधित विभाग कहीं पर भी नजर नहीं आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार दिन-दिहाड़े ही खनन माफिया की ओर से अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि बिना संरक्षण के दिन के उजाले में इतने बड़े पैमाने पर ट्रैक्टरों से खनन होना नामुमकिन है। इसके अलावा कई सवाल भी उठ रहे हैं, कि आखिरकार किसके इशारे पर दरुग खड्ड को खोखला किया जा रहा है। स्थानीय भराड़ी पुलिस और खनन विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे हुए क्यों बैठे हैं। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से अवैध खनन करने वालों के खिलाफ संबधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी मनमाने से तरीके से अवैध खनन हो रहा है।

बताया जा रहा है कि इस दरुग खड्ड पर पूरे क्षेत्र की पेयजल योजना और सिंचाई योजना टिकी हुई हैं, उसी को माफिया निगल रहा है। खड्ड के दोनों किनारों पर किसानों की उपजाऊ जमीन है, जिसे ट्रैक्टरों ने खोद-खोद कर मौत के मुहाने पर ला खड़ा किया है। इस बरसात में अगर जमीनें कटीं और घरों में पानी घुसा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। लोगों के घरों में अब पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा हैं, वहीं लोग सहमे हुए भी हैं। ऐसे में इस मसले को लेकर प्रशासन, पुलिस, संबधित विभाग को गंभीरता दिखानी चाहिए। बता दें कि कुछ महीने पहले ही मरहाणा और पंतेहड़ा की जनता ने एकजुट होकर इसी खड्ड में लग रहे क्रशर को पुरजोर विरोध कर भगाया था। तब ऐसा प्रतीत हुआ था कि खड्ड बच जाएगी, लेकिन अब उसी जगह ट्रैक्टर माफिया ने कब्जा कर लिया है। जनता का विरोध बेकार साबित हो रहा है। अब ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर दरुग खड्ड में ट्रैक्टरों से हो रही इस अंधी लूट पर कार्रवाई नहीं हुई तो मरहाणा और पंतेहड़ा के लोग सडक़ों पर उतरकर थाना भराड़ी और खनन विभाग का घेराव करने को मजबूर होंगे। उधर, इस बारे में जिला खनन अधिकारी हरविंद्र का कहना है कि समय-समय पर इस क्षेत्र का निरीक्षण किया जाता है।