पक्षियों को पिंजरे में कैद करने पर होगी तीन साल की जेल

वन विभाग बिलासपुर ने चलाया परिंदों की रिहाई का अभियान, अपनाया जा रहा कड़ा रुख, परिंदों को बचाने के लिए सभी जगह दी जाएगी दबिश
कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर
जिला बिलासपुर के अंतर्गत वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित पक्षियों की श्रेणी में आने वाले पक्षियों को कैद करना लोगों को अब महंगा पड़ सकता है। यदि इस अधिनियम के तहत किसी के घर में पिंजरे में कोई पक्षी कैद है तो उसे तुरंत स्वयं ही रिहा कर दें। अन्यथा वन विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। वन विभाग बिलासपुर की ओर से इस अधिनियम के तहत संरक्षित पक्षियों की श्रेणी में आने वाले पक्षियों को रिहा करवाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। ताकि नियमों की अवहेलना न हो। जानकारी के अनुसार वन विभाग बिलासपुर की ओर से अभी तक प्रारंभिक चरण में इस अधिनियम के तहत जागरूक भी किया जा रहा है। साथ ही संरक्षित श्रेणी में आने वाले पक्षियों को रिहा भी करवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत नियमों की अवहेलना पाए जाने पर तीन साल की सजा के साथ ही एक लाख के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है, लेकिन अभी तक लोगों को विभाग की ओर से चेतावनी ही दी जा रही है।

ताकि लोगों को भी इस अधिनियम की जानकारी भी मिल सके। लेकिन यदि इसके बावजूद कोई व्यक्ति यदि नियमों की अवहेलना करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताया जा रहा है कि अभी हाल ही में वन विभाग बिलासपुर की ओर सेे बिलासपुर शहर में कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के तहत तीन तोतों को पिंजरों से मुक्त करवाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो अभी भी उनके पास इस तरह की कई शिकायतें पहुंची हैं। जिसके चलते जल्द ही इस तरह का अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग की मानें तो कई लोग अपने शौक के लिए तरह के पक्षियों को पालते हैं। वहीं, कई लोग पक्षियों को बेचने का भी कार्य कर रहे हैं। कई दिनों तक इन पक्षियों को पिंजरों में भी कैद रखते हैं, जोकि सही नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह नियमों की अवहेलना सहन नहीं होगी। वहीं नजर रखी जा रही है।

विदेशी पक्षी रखने पर करवाना होगा पंजीकरण
यदि कोई व्यक्ति अपनी दुकान में या फिर घर में स्वदेशी पक्षियों के बजाये विदेशी पक्षी रखता है, तो उन्हें अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। संबधित लोग प्रवेश पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। नियमों की अवहेलना पाए जाने पर वन विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।