शहर में ऑनलाइन हो जाएगा सारा सिस्टम; नगर निगम में गृहकर के नए स्लैब होंगे लागू, मुकम्मल हो गया सर्वे
दिव्य हिमाचल ब्यूरो – हमीरपुर
नगर निगम का दर्जा पा चुके हमीरपुर शहर में अब हाउस टैक्स की प्रक्रिया जहां ऑनलाइन हो जाएगी वहीं, गृहकर के नए स्लैब भी लागू किए जाएंगे। इसके तहत अब एरिया के हिसाब से गृहकर की वसूली होगी। यानि आपका घर कितनी जगह में बना हुआ है और उसकी मंजिलें कितनी हैं। उसके लिए फिक्स स्लैब तय किए जाएंगे। नगर निगम हमीरपुर ने इसके लिए सर्वे लगभग पूरा कर लिया है और अब सर्वे का सत्यापन किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक भवन की श्रेणी के अनुसार नया हाउस टैक्स निर्धारित किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र के साढ़े चार हजार के करीब भवनों का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। सर्वे करने वाली कंपनी ने पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड भी कर दी है।
नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य सभी भवनों को रिकॉर्ड में शामिल कर पारदर्शी कर व्यवस्था लागू करना है। 15 वार्डों वाले नगर निगम हमीरपुर में हालांकि जो नए ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है उनमें अगले कुछ वर्षों तक टैक्स में छूट रहेगी लेकिन पूर्व में जो 11 शहरी वार्ड रहे हैं उनमें हाउस टैक्स का नया पैटर्न लागू होगा। हाउस टैक्स के रूप में पूर्व में रही नगर परिषद को प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ तक का राजस्व प्राप्त होता रहा है। इस बार नगर निगम हमीरपुर को 1.38 करोड़ के लगभग हाउस टैक्स के रूप में अर्जित हुए। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से कर संग्रहण में पारदर्शिता आएगी और निगम की आय में भी वृद्धि होगी। इससे सडक़, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल सहित अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
मकान मालिक किराए के टैक्स में करते थे झोल
बता दें कि पूर्व में शहर के घरों में प्रति लैट के हिसाब से हाउस टैक्स वसूला जाता था जबकि मकानमालिक द्वारा जो किराया किराएदार से लिया जाता था उसका कुछ प्रतिशत हिस्सा टैक्स के रूप में देना होता था। अधिकतर मामलों में ऐसे होता था कि मकानमालिक किरायेदारों पर दबाव बनाते थे कि वो सर्वे वाली टीम को पूरा किराया न बताकर कम किराया बताएं जिससे उन्हें अधिक टैक्स न देना पड़े। जैसे कोई किरायेदार 7 हजार रुपए महीने का किराया देता है तो उसे कहा जाता था कि वो 3 हजार ही बताए।
सर्वे को पूरा कर लिया गया है। पूरी प्रक्रिया मुक्कमल होने के बाद प्रोपर्टी टैक्स के स्लैब तय किए जाएंगे। इसमें व्यावसायिक और घरेलू अलग-अलग स्लैब तय किए जाएंगे। इसके अलावा टैक्स की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी जिससे चलते शहरवासियों को टैक्स जमा करवाने के लिए निगम कार्यालय में आने की आवश्यकता नहीं रहेगी
राकेश कुमार शर्मा, कमिश्रर नगर निगम हमीरपुर
इस दफा 40 डिफाल्टर्स ने नहीं भरा टैक्स
पूर्व में जो व्यवस्था रही है उसके तहत बहुत से शहरवासी प्रोपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाते थे। हालांकि नगर निगम बनने के बाद इसपर विशेष काम किया गया जिसका नतीजा है कि 1 करोड़ 38 लाख के करीब टैक्स अर्जित हुआ। हालांकि अभी भी कुछ लोग ऐसे रह गए जिन्होंने टैक्स नहीं भरा है। इनकी संख्या 40 से 45 के बीच बताई जाती है। हालांकि बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ ऐसे परिवार भी हैं जो बाहर रहते हैं। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि ऑनलाइन व्यवस्था होने के बाद हाउस टैक्स वसूली का काम 100 फीसदी होगा।