फतेहपुर के इंजीनियर विक्रम का अंतिम संस्कार

टकोली घिरथा में शव पहुंचते ही चीख-ओ-पुकार से गूंज उठा गांव, लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
दिव्य हिमाचल टीम – जवाली
वायनाड़ त्रासदी में जान गंवाने वाले फतेहपुर उपमंडल की पंचायत टकोली घिरथा निवासी विक्रम राणा का पार्थिव शरीर सोमवार को वायु मार्ग से अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सडक़ मार्ग से उनके पैतृक गांव लाया गया। शव करीब एक बजे घर पर पहुंचा तथा हर तरफ चीखो-ओ-पुकार मच गई। विक्रमराणा के शव को देखकर हर किसी की आंख से आंसू बह निकले। विक्रम सिंह सात जुलाई को वायनाड में त्रासदी के दौरान लापता हो गया था। केरल सरकार द्वारा उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू चलाया गया था तथा छठे दिन विक्रम राणा का शव बरामद हुआ था। सोमवार को शव जैसे ही घर पर पहुंचा तो पत्नी रंजना देवी, बेटी विशाखा राणा, बेटे हिमांशु सहित परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हुआ।

रंजना देवी पति के शव के साथ लिपट कर खूब रोई, जबकि बेटी व बेटे का भी रो-रोकर बुरा हाल था। उनके विलाप को सुनकर हर किसी की आंख नम हो गई। घर पर अंतिम दर्शनों के उपरांत विक्रम राणा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के बेटे हिमांशु ने मुखाग्नि दी। सैकड़ों की तादाद में लोगों ने श्मशानघाट पहुंचकर विक्रम राणा को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में पहुंचे पूर्व वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि विक्रम राणा की मौत उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। इस क्षति को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग उठाई है कि इस त्रासदी में मौत का शिकार बने विक्रम राणा सहित अन्य लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाए। वहीं, एसडीएम फतेहपुर रमन शर्मा ने कहा कि प्रशासन की तरफ से पीडि़त परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी।