दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
चालू वित्त वर्ष में पहली अप्रैल से 13 जुलाई तक प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 16.11 प्रतिशत बढक़र 7,73,682 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। आयकर विभाग की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 13 जुलाई तक कुल गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह 4,11,854 करोड़ रुपए और कॉर्पोरेट कर संग्रह 3,35,386 करोड़ रुपए रहा। प्रतिभूतियों के लेनदेन पर कर से 26,429 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई है, जबकि अन्य कर प्राप्ति 12.65 करोड़ रुपए दर्ज की गई। सरकार ने इस दौरान 1,22,491.87 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि से 14.57 फीसदी अधिक है। इसमें कॉर्पोरेट को 95,145 करोड़ रुपए और गैर-कॉर्पोरेट को 27,332.57 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। रिफंड की राशि घटाने के बाद शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 6,51,190 करोड़ रुपए हो गया। यह सालाना आधार पर 16.40 प्रतिशत की बढ़त है।
गैर-कॉर्पोरेट करदाताओं से 3,84,521 करोड़ रुपए और कॉर्पोरेट करदाताओं से 2,40,242 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.57 फीसदी अधिक है। सकल आधार पर प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.11 फीसदी बढक़र 7.73 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। इसमें 3.35 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कॉरपोरेट कर और करीब 4.12 लाख करोड़ रुपये का एनसीटी शामिल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कॉरपोरेट कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शुद्ध कॉरपोरेट कर में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह को आगे बढ़ाने में सहायक रही है।
26.97 लाख करोड़ जुटाना लक्ष्य
सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपए जुटाने का बजट रखा है। यह पिछले वित्त वर्ष (2026) में एकत्र किए गए 23.40 लाख करोड़ रुपए से 15 फीसदी अधिक है। वर्तमान संग्रह रुझान इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। मजबूत कर वृद्धि से सरकार को अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह वृद्धि देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का भी संकेत देती है।