तालाबों की बदहाली दूर करने की नप ने शुरू की कवायद

नाहन नगर परिषद की नवनियुक्त अध्यक्ष उपमा धीमान ने लंबित समस्याओं के समाधान को दी प्राथमिकता, सौंदर्यीकरण का तैयार होगा खाका

कार्यालय संवाददाता-नाहन
रियासतकालीन नाहन शहर में पिछले तीन माह से प्रभावित विकास एवं रखरखाव कार्यों को अब गति मिलने लगी है। नगर परिषद के नवनियुक्त गठन के बाद लोगों को लंबित समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान ने वर्षों पुरानी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की पहल शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि हाथी की कब्र के समीप दशकों पुरानी सीवरेज समस्या का समाधान करवाया गया है। वहीं, शहर के वरिष्ठ नागरिकों ने नाहन की ऐतिहासिक धरोहर तालाबों के संरक्षण और रखरखाव की मांग उठाई है। वरिष्ठ नागरिक योगेश्वर गौतम, प्रेमपाल, दिग्विजय गुप्ता और दलीप सिंह समेत अन्य लोगों ने कहा कि तालाब नाहन की पहचान रहे हैं, लेकिन इनके रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। कालीस्थान तालाब का जीर्णोद्धार अधर में है, जबकि पक्का तालाब में लगातार मछलियों के मरने की घटनाएं हो रही हैं। रामकुंडी तालाब का जीर्णोद्धार भी अभी आश्वासनों तक सीमित है। कच्चा तालाब तो अब इतिहास बन चुका है। जानकारों के अनुसार रियासतकाल में पानी की समस्या से निपटने के लिए तत्कालीन सिरमौर शासकों ने रानीताल, पक्का तालाब, कच्चा तालाब, कालीस्थान और रामकुंडी तालाब का निर्माण करवाया था। योगेश्वर गौतम ने कहा कि वर्तमान में केवल तीन तालाब अस्तित्व में हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में उनकी स्थिति चिंताजनक है। नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रदीप सहोत्रा ने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए नागरिकों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। तालाबों की सफाई और रखरखाव को गति देने के साथ वन विभाग के सहयोग से सडक़ किनारे सजावटी पौधे लगाए जाएंगे।