नरघोटा हादसा… धर्मशाला में निकाला कैंडल मार्च

सडक़ हादसे हुई युवक की मौत पर लोगों-सामाजिक संगठनों ने कालेज से कचहरी चौक तक शांतिपूर्ण की पदयात्रा

सिटी रिपोर्टर- धर्मशाला
जिला मुख्यालय धर्मशाला के नरघोटा में 24 जून को हुए सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले 29 वर्षीय अक्षय कौड़ा को न्याय दिलाने की मांग अब और तेज हो गई है। सोमवार को परिजनों, दोस्तों, स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धर्मशाला कालेज चौक से कचहरी चौक तक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां और जस्टिस फॉर अक्षय के बैनर लिए सैकड़ों लोगों ने दिवंगत अक्षय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कैंडल मार्च के दौरान सबसे भावुक पल तब आया, जब अक्षय की मां और बहन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनका इकलौता बेटा और बहन का सहारा हमेशा के लिए उनसे छिन गया।

उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन केवल अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि इस बात के लिए भी है कि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो और किसी बहन का भाई प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े।अक्षय कौड़ा अपने परिवार का इकलौता बेटा और घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। वह शेयर मार्केट की कोचिंग चलाने के साथ-साथ परफ्यूम का कारोबार भी करता था। परिवार के अनुसार उसने चार महीने पहले ही नई कार एमजी हैक्टर खरीदी थी और हादसे के अगले दिन एक अन्य नई गाड़ी का पंजीकरण करवाना था। परिजनों का कहना है कि मेहनत और सपनों से भरी उसकी जिंदगी एक पल में खत्म हो गई। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मामले में निष्पक्ष जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय की यह आवाज़ थमने वाली नहीं है। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल अक्षय के लिए नहीं, बल्कि हर उस परिवार की सुरक्षा के लिए है जो रोज़ाना इन सडक़ों पर सफर करता है।

प्रशासन निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

परिवार के सदस्य शिवेक कौरा ने बताया कि कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सडक़ सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।