कोटशेरा कॉलेज के शिक्षकों ने काले बिल्ले लगाकर जताया विरोध, 11 जुलाई तक जारी रहेगा सांकेतिक आंदोलन
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ (एचजीसीटीए) की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर सोमवार को राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा की स्थानीय इकाई ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर गेट मीटिंग आयोजित कर लंबित मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने काले बिल्ले धारण कर राज्य सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। गेट मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2022 से लंबित करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत पदोन्नति मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए तथा पात्र शिक्षकों को पे-बैंड-2, पे-बैंड-3 और पे-बैंड-4 में समयबद्ध पदोन्नति प्रदान की जाए।
अनेक शिक्षक वर्ष 2009 से एक ही ग्रेड पे पर कार्यरत हैं, जिससे उनकी सेवा प्रगति और कैरियर उन्नति प्रभावित हो रही है। एचजीसीटीए के राज्य उपाध्यक्ष डाक्टर निखिल सारटा ने कहा कि वर्ष 2022 से लंबित सीएएस पदोन्नतियों का शीघ्र निस्तारण समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पे-बैंड-2, 3 और 4 में पदोन्नतियां नहीं होने से बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों से एक ही ग्रेड पे पर कार्य कर रहे हैं। लंबित एरियर और महंगाई भत्ता (डीए) का भुगतान तथा सीएएस का समयबद्ध क्रियान्वयन शिक्षकों का वैधानिक अधिकार है और इससे उच्च पदों पर पदोन्नति का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर शिक्षकों में असंतोष बढ़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नतियां लंबित रहने से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और उच्च शिक्षा संस्थानों का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। कोटशेरा इकाई ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय के शिक्षक 6 से 11 जुलाई तक काले बिल्ले धारण कर सांकेतिक विरोध जारी रखेंगे। शिक्षकों ने राज्य सरकार से वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान कर न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। विरोध प्रदर्शन में डाक्टर शालिनी चौहान (वरिष्ठ सलाहकार, कोटशेरा इकाई), डाक्टर अनुप्रिया शर्मा (सलाहकार), डाक्टर कामिनी शांडिल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे और राज्य कार्यकारिणी के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया।