एनएच पार करने का खतरा होगा कम…फुटओवर ब्रिज की कवायद तेज

नगर निगम ने शुरू की तैयारी; एमसी पार्क, आईएसबीटी, ट्रैफिक लाइट चौक और पुराने बस अड्डे के पास फुटओवर ब्रिज की संभावना, प्रस्ताव तैयार

नगर संवाददाता-ऊना
हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही और लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव ने ऊना शहर में नेशनल हाईवे पार करना जोखिम भरा बना दिया है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने फुटओवर ब्रिज निर्माण की दिशा में पहल तेज कर दी है। एमसी पार्क, आईएसबीटी, रेड लाइट चौक और पुराने बस अड्डे के पास संभावित स्थलों का सर्वे कराया जाएगा। एस्टीमेट तैयार होने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। ऊना शहर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। नए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ वाहनों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। सुबह और शाम के समय शहर के प्रमुख चौकों और बाजारों में वाहनों की लंबी कतारें लगना अब आम बात हो गई है। ऐसे में सडक़ पार करना पैदल यात्रियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को होती है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को कई बार तेज रफ्तार वाहनों के बीच जोखिम उठाकर सडक़ पार करनी पड़ती है। बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो जाती है, क्योंकि भारी ट्रैफिक के बीच उन्हें सुरक्षित मौका मिलने में काफी समय लग जाता है। नगर निगम ने प्रारंभिक स्तर पर जिन स्थानों को फुटओवर ब्रिज निर्माण के लिए उपयुक्त माना है, उनमें एमसी पार्क के सामने, आईएसबीटी के सामने, रेड लाइट चौक और पुराने बस अड्डे के आसपास का क्षेत्र शामिल है। इन सभी स्थानों पर दिनभर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है।

इसके साथ ही यहां बड़ी संख्या में लोग पैदल आवाजाही भी करते हैं। बाजार, बस अड्डा, पार्क और विभिन्न सरकारी व निजी संस्थानों के कारण इन इलाकों में हर समय लोगों की भीड़ बनी रहती है। फुटओवर ब्रिज बनने से पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा और मुख्य सडक़ पर अनावश्यक रुकावट भी कम होगी। वर्तमान में जब लोग सडक़ पार करते हैं तो कई बार वाहनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ती है, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। फुटओवर ब्रिज बनने से यातायात भी अधिक सुचारु रहेगा और सडक़ सुरक्षा में भी सुधार होगा। हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही और लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव ने ऊना शहर में नेशनल हाईवे पार करना जोखिम भरा बना दिया है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने फुटओवर ब्रिज निर्माण की दिशा में पहल तेज कर दी है। एमसी पार्क, आईएसबीटी, रेड लाइट चौक और पुराने बस अड्डे के पास संभावित स्थलों का सर्वे कराया जाएगा। एस्टीमेट तैयार होने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। ऊना शहर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। नए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ वाहनों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। सुबह और शाम के समय शहर के प्रमुख चौकों और बाजारों में वाहनों की लंबी कतारें लगना अब आम बात हो गई है। ऐसे में सडक़ पार करना पैदल यात्रियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को होती है।

सरकार को भेजा जाएगा प्रपोजल

नगर निगम की योजना है कि पहले संभावित स्थानों का तकनीकी सर्वे कराया जाए। इसके बाद निर्माण लागत का आकलन करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार से बजट की मांग की जाएगी। यदि सरकार से समय पर स्वीकृति मिल जाती है तो शहर को जल्द ही आधुनिक पैदल यात्री सुविधा मिल सकती है।

ट्रैफिक का दबाव ज्यादा
लंबे समय से ऊना में फुटओवर ब्रिज की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण कई बार लोगों को सडक़ पार करने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। अभिभावकों की भी चिंता रहती है कि छोटे बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच सकें। ऐसे में नगर निगम की यह पहल शहर की जरूरतों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रोजाना निकलती हैं हजारों गाडिय़ां
जिला ऊना हिमाचल प्रदेश का प्रवेश द्वार है। हिमाचल में पूरा वर्ष पर्यटक, श्रद्धालु व अन्य लोग आवाजाही करते है। ऐसे में ऊना की सडक़ों पर हर समय ट्रैफिक रहती है। ट्रैफिक के चलते लोगों को सडक़ पार करना भी चुनौती बन जाता है।