सेवा पूरी; भुगतान अधूरा, बिजली पेंशनरों ने खोला मोर्चा

रिटायरमेंट क्लेम अटके, बिजली बोर्ड पेंशनरों का फूटा गुस्सा

स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम भोरंज की बैठक अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में पेंशनरों ने बोर्ड प्रबंधन द्वारा उनकी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया और कहा कि 90 के दशक में शत प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल करने की इबारत को लिखने वाले बिजली कर्मियों को आज सेवानिवृत डेढ़ से दो वर्ष उपरांत भी उनके रिटायरमेंट क्लेम अदा करने में बिजली बोर्ड प्रबंधन विफल रहा है।

हैरानी की बात है कि बिजली बोर्ड प्रबंधन आज तक मात्र जनवरी, 2025 तक के जो रिटायरमेंट क्लेम सेटल हुए हैं उनकी पेमेंट कर पाया है और दूसरी ओर फर्मों और ठेकेदारों की मई 2026 तक की अदायगी की जाने की सूचना है, जिससे पेंशनर में रोष पनप रहा है और प्रबंधन अगर पेंशनर की लंबित अदायगी पर शीघ्र ठोस कदम उठाने में विफल रहता है तो पेंशनर आगामी राज्य स्तरीय मीटिंग बुलाकर अगस्त महीने में कुमार हाउस में हल्ला बोलेगा। फोरम के नेताओं ने प्रबंधन से फोरम को शीघ्र मीटिंग का आग्रह किया है, क्योंकि फोरम ने काफी समय पूर्व अपना मांग पत्र प्रबंधन को सौंपा, लेकिन प्रबंधन से मीटिंग न मिलने पर फोरम ने बोर्ड प्रबंधन को एक बार फिर रिमाइंडर लिख मीटिंग मांगी है।

फायदा पहुंचाने की तैयारी

इस मौके पर पेंशनर फोरम के वरिष्ठ उप प्रधान व बिजली उपभोक्ता मंच के संयोजक कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा है कि प्रदेश में केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत जोर जबरदस्ती बिजली कानून 2003 के प्रावधानों को नजरंदाज करते हुए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग केवल मात्र बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के मकसद से की जा रही है, जिसका बिजली कर्मियों की सेवाशर्तों के साथ-साथ पेंशनर और उपभोक्ताओं के हितों पर भी विपरीत प्रभाव पडऩा निश्चित है।