जयपुर। वैल्यू-फ़ोकस्ड ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्नैपडील का ज़ीरो-कमीशन मॉडल विक्रेताओं की कमाई बढ़ाने में मददगार साबित हो रहा है, वहीं उसने 45 दिन के एक्सेलरेशन प्रोग्राम प्रोजेक्ट गति को लांच किया है। स्नैपडील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अचिंत सेतिया ने सोमवार को यहां मीडिया को बताया कि इसका उद्देश्य नये विक्रेताओं को कृत्रिम बुद्धिमता (एआई)-इनेबल्ड टूल्स, ऑपरेशनल सपोर्ट और फास्ट पेमेंट साइकल के ज़रिए आगामी त्योहारों में शॉपिंग के सीज़न के लिए तैयार करना है।
अंचित सेतिया ने बताया कि यह घोषणा ऐसे समय की गयी है जब पिछले एक साल में राजस्थान में स्नैपडील के विक्रेताओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। यह भारत के ई-कॉमर्स इकोसिस्टम में क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरर्स और उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। राज्य का विविध मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग इकोसिस्टम मार्केटप्लेस पर उपलब्ध कई तरह के प्रोडक्ट्स में योगदान देता है। जयपुर महिलाओं के एथनिक वियर, ब्लॉक-प्रिंटेड प्रोडक्ट्स, ज्वेलरी, होम डेकोर, ब्लू पॉटरी, बेडशीट, रज़ाई और हैंडबैग के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
त्योहारों की खरीदारी का सीज़न अगस्त में रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के साथ शुरू होता है तथा दिवाली, क्रिसमस और नए साल तक चलता है। इससे पहले, स्नैपडील विक्रेताओं को उनकी संचालन क्षमता बढ़ाने तथा ई-कॉमर्स संचालन में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित करेगा। अपने विक्रेता इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने के प्रयासों के तहत स्नैपडील ने प्रोजेक्ट गति की शुरूआत की है। 45 दिनों का यह एक्सेलरेशन प्रोग्राम नए विक्रेताओं को प्लेटफ़ॉर्म पर बिज़नेस शुरू करने और उसे बढ़ाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में एंटरप्रेन्योरशिप और मैन्युफैक्चरिंग का मज़बूत इकोसिस्टम है। यहाँ जयपुर, भीलवाड़ा, पाली और टोंक जैसे शहरों के विक्रेता फ़ैशन, टेक्सटाइल, होम प्रोडक्ट्स एवं अन्य कैटेगरीज़ में अपना बिज़नेस बढ़ा रहे हैं। पिछले साल राजस्थान से विक्रेताओं की संख्या में लगभग सौ प्रतिशत की बढ़ोतरी से साफ है कि ई-कॉमर्स में क्षेत्रीय बिज़नेस की भागीदारी बढ़ रही है।