श्रम कल्याण बोर्ड के लाभ बंद करने के विरोध में किया प्रदर्शन, सीटू के बैनर तले प्रदेश भर के मजदूरों ने हमीरपुर शहर में निकाली आक्रोश रैली
स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश भवन सडक़ एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (संबंधित सीटू) के बैनर तले प्रदेश भर से आए सैंकड़ों मजदूरों ने श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय का जोरदार घेराव किया। शहर में रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा लाभ बंद करने का विरोध जताया गया। हमीरपुर में तहसील परिसर में मजदूर एकत्रित हुए तथा उसके बाद रैली निकाली गई। हमीरपुर, शिमला, मंडी, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, चंबा, किन्नौर तथा कांगड़ा जिलों से सैंकड़ों मजदूरों ने इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कहा गया कि जब से हिमाचल में सुक्खू सरकार बनी है, तब से ही श्रम कल्याण बोर्ड से निर्माण मजदूरों को मिलने वाले लाभ बंद कर दिए गए हैं। कल्याण बोर्ड द्वारा कभी मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण बंद कर दिया जाता है तो कभी ई-केवाईसी के नाम पर मजदूरों को परेशान किया जाता है।
वर्तमान स्थिति में श्रम कल्याण बोर्ड में वर्ष 2021 से ही मजदूरों के लाभ लंबित पड़े हैं। सीटू नेताओं ने कहा कि श्रम कल्याण बोर्ड में जमा राशि का 95 प्रतिशत हिस्सा मजदूरों के कल्याण पर तथा केवल 5 प्रतिशत हिस्सा प्रशासनिक खर्चों पर व्यय करने का प्रावधान है, जबकि हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक खर्च लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं और मजदूरों को अपने वैधानिक लाभों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर किया जा रहा है। मजदूरों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए जारी किए जाने वाले रोजगार प्रमाण पत्रों को भी जिला श्रम कल्याण अधिकारी गैर-कानूनी तरीके से पंचायत प्रतिनिधियों से सत्यापित करवाने के लिए कह रहे हैं, जबकि सत्यापन का दायित्व स्वयं जिला श्रम कल्याण अधिकारियों का है। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, निर्माण मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंदर कुमार तथा राज्य महासचिव अमित कुमार ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि मजदूरों की इन बुनियादी मांगों को लेकर श्रम कल्याण बोर्ड की बैठकों में कई बार निर्णय लिए गए, लेकिन आज तक उन्हें धरातल पर लागू नहीं किया गया। प्रदर्शन के उपरांत सीटू एवं निर्माण मजदूर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष से मुलाकात कर मजदूरों की मांगों को मजबूती से रखा।
डिजिटल हुआ सिस्टम
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि पंजीकरण एवं नवीनीकरण के सभी आवेदन जमा होने के 30 दिनों के भीतर निपटाए जाएंगे तथा इनके लिए किसी प्रकार के भौतिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी।