मछलियों का अवैध शिकार करते पकड़े 25 लोग

मत्स्य विभाग ने जुर्माने के रूप में वसूल किए 13 हजार 900 रुपए, 16 जून से लेकर 15 अगस्त तक था मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध

स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
जिला में मछलियों का अवैध शिकार करते हुए मत्स्य विभाग ने 25 लोगों को पकड़ा है। ये लोग खड्ड व नालों में प्रतिबंधित समय के दौरान मछलियों का अवैध शिकार कर रहे थे। किसी ने कांटा लगा रखा था तो कोई जाल का इस्तेमाल कर रहा था। पकड़े जाने पर विभाग ने इनसे 13 हजार 900 रुपए की जुर्माना राशि वसूल की है। विभाग ने इन्हें चेतावनी देकर छोड़ा कि प्रतिबंधित काल में मछलियों का शिकार नहीं करेंगे। 16 जून से लेकर 15 अगस्त, 2026 तक मछलियों के अखेट पर पूरी तरह से प्रतिबंध था।

प्रजनन का समय होने के चलते मछलियों के शिकार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया था। प्रतिबंधित समय के दौरान मत्स्य विभाग की टीमों ने खड्ड, नालों व नदियों पर अपनी निगरानी बनाकर रखी। इस दौरान यही देखा जा रहा था कि कोई मछलियों का शिकार न कर पाए। विभागीय टीमों के निरीक्षण में दो महीने के समय में 25 मामले सामने आए। ब्यास नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण वहां पर ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन खड्ड व नालों में लोग मछलियों का शिकार करते हुए पकड़े गए। पकड़े जाने पर इनके चालान किए गए हैं। बता दें कि हमीरपुर जिला के तहत आने वाली कुनाह खड्ड, मानखड्ड, हथली खड्ड सहित अन्य खड्डें बहती हैं। मत्स्य विभाग की तरफ से कई बार खड्ड व नालों में मछलियों का बीज डाला जाता है।

दो महीने का फिशिंग बैन रहा असरदार

16 जून से लेकर 15 अगस्त का समय मछलियों के शिकार के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित होता है। इस दो महीने के समय के दौरान मछलियों का प्रजनन होता है। यही कारण है कि दो महीनों तक मछलियों का शिकार नहीं किया जाता। इन दो महीनों में मछली विक्रेताओं की दुकानें भी बंद रहती हैं। मत्स्य विभाग इन दो महीनों में यही सुनिश्चित करता है कि किसी भी तरह से मछलियों का शिकार न हो।

मछलियों के शिकार के प्रतिबंधित काल में 25 मामले अवैध शिकार के पकड़े गए हैं। जुर्माना राशि के रूप में 13900 रुपए वसूल किए गए हैं। दो महीनों तक लगातार विभाग ने नदी, खड्ड, नालों पर निगरानी बनाकर रखी
अजय कुलदीप, वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी हमीरपुर