भूस्खलन के खतरे से फिश्टवाड़ी के 50 परिवारों पर संकट

पहाड़ी में पड़ीं बड़ी दरारें; पानी का रिसाव बढ़ा रहा खतरा; प्रशासन ने गठित की संयुक्त निरीक्षण समिति

स्टाफ रिपोर्टर-रोहड़ू
उपमंडल रोहड़ू की उपतहसील धमवाड़ी की ग्राम पंचायत तांगनू जांगलिक के फिश्टवाड़ी गांव में लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव और पहाड़ी में पड़ी बड़ी दरारों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गांव के ऊपर चुप्टू नामक स्थान पर अचानक बड़ी दरारें आई हैं। इनमें पानी का रिसाव होने से पहाड़ी के नीचे बसी आबादी पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। खतरे को देखते हुए ग्रामीण दहशत के बीच रातें गुजारने को मजबूर हैं। स्थानीय राजस्व चौक के लंबरदार महावीर सिंह ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले मौके पर दरारें देखीं। इसके बाद पटवारी के माध्यम से इसकी सूचना उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई।

उन्होंने बताया कि संभावित खतरे की जद में करीब 50 घर हैं, जिनमें लगभग 300 लोग रहते हैं। एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामोत्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण करने के लिए समिति गठित की है। समिति में नायब तहसीलदार धमवाड़ी, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, जल शक्ति विभाग और मृदा संरक्षण विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति मौके का निरीक्षण कर तत्काल बचाव एवं सुरक्षा उपायों की पहचान करेगी और दो दिन के भीतर संयुक्त रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेगी। खतरे को लेकर स्थानीय प्रशासन लंबरदार की सूचना के बाद हरकत में आ गया है, लेकिन पंचायत की नवनियुक्त प्रधान को मामले की जानकारी नहीं थी। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में पता नहीं है और वह जानकारी लेने के बाद बताएंगी।