जिसे बचाने निकले थे; उसकी मौत के बाद घर लौटते समय चार और जिंदगियां गईं, इलाके में मातम
निजी संवाददाता- संगड़ाह
यह हादसा सिर्फ एक सडक़ दुर्घटना नहीं, बल्कि ऐसी दर्दनाक कहानी है, जिसने एक ही रात में कई परिवारों की खुशियां छीन ली। एक परिवार का सदस्य जगदीश शर्मा अचानक दिल का दौरा पडऩे के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। गांव के लोग और परिजन उसे बचाने की उम्मीद में संगड़ाह अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद चिकित्सा अधिकारी ने उसे मृत घोषित कर दिया। जगदीश शर्मा की मौत से परिवार और ग्रामीण पहले ही गहरे सदमे में थे। गांव वालों ने दुख की इस घड़ी में परिवार का साथ देने का फैसला किया और जगदीश शर्मा के शव को वापस उनके गांव अरलू पहुंचाने के लिए बोलेरो कैंपर किराए पर ली। रास्ते में चिनाड़ के पास गांव के कुछ लोग भी परिवार के दुख में शामिल होने के लिए उसी वाहन में सवार हो गए।
किसी को क्या पता था कि अपनों को सांत्वना देने और एक मृतक को उसके घर पहुंचाने के लिए शुरू हुआ यह सफर खुद कई जिंदगियों का आखिरी सफर बन जाएगा। गतलोग के समीप अचानक बोलेरो कैंपर चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और करीब 50 मीटर नीचे खाई में जा गिरी। कुछ ही पलों में मातम का एक और पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत नौ लोग घायल हो गए। जो लोग कुछ देर पहले एक परिवार के दुख में सहभागी बनने निकले थे, अब उनके अपने परिवार अस्पतालों के बाहर अपनों की जिंदगी बचने की दुआ कर रहे थे। घायलों में चार
की हालत गंभीर बताई गई। उन्हें संगड़ाह अस्पताल से मेडिकल कालेज नाहन रैफर किया गया, जबकि एक गंभीर घायल को आगे पीजीआई चंडीगढ़ रैफर करना पड़ा।