गंभीर मरीजों के दिल का हर पल हिसाब रखेगा हाईटेक मॉनिटर

एम्स बिलासपुर में अब दिल की हर धडक़न पर होगी पैनी नजर
दिव्य हिमाचल ब्यूरो – बिलासपुर
एम्स बिलासपुर में गंभीर मरीजों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। संस्थान में हाई एंड एडवांस्ड मल्टीपैरा मॉनिटर विद कंटीन्यूअस कार्डियक आउटपुट मॉनिटरिंग स्थापित किया जाएगा। अत्याधुनिक मॉनिटर की मदद से चिकित्सक गंभीर मरीजों में हृदय की कार्यप्रणाली और रक्त संचार से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों की लगातार निगरानी कर सकेंगे। इस उपकरण की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता कंटीन्यूअस कार्डियक आउटपुट मॉनिटरिंग है। इसके माध्यम से चिकित्सकों को लगातार यह जानकारी मिल सकेगी कि मरीज का हृदय एक मिनट में कितनी मात्रा में रक्त पंप कर रहा है। हृदय की पंपिंग क्षमता में होने वाले बदलावों की तत्काल जानकारी मिलने से मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार संबंधी निर्णय लेने में चिकित्सकों को मदद मिलेगी।

इस एडवांस्ड सिस्टम में पल्मोनरी आर्टरी कैथेटर के माध्यम से हृदय और फेफड़ों से जुड़े महत्वपूर्ण हेमोडायनामिक मानकों की निगरानी की जा सकती है। इससे मरीज के रक्त प्रवाह और हृदय की कार्यप्रणाली का अधिक विस्तृत आकलन करने में मदद मिलती है। खासकर उन मरीजों में यह तकनीक उपयोगी होती है जिनकी स्थिति गंभीर होती है और जिनमें लगातार एवं सटीक निगरानी की आवश्यकता रहती है। यह सुविधा विशेष रूप से आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों, जटिल हृदय संबंधी मामलों, शॉक की स्थिति तथा बड़े ऑपरेशन के बाद गहन निगरानी की जरूरत वाले मरीजों के उपचार में उपयोगी साबित हो सकती है। गंभीर मरीजों में हृदय की पंपिंग और रक्त संचार में होने वाले बदलावों की समय पर जानकारी उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्य मरीज मॉनिटर में आमतौर पर हृदय गति, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर जैसे प्रमुख पैरामीटर की निगरानी की जाती है।

एम्स की हाईटेक पहल
यह एडवांस्ड सिस्टम हृदय की पंपिंग क्षमता और रक्त प्रवाह से जुड़े अधिक विस्तृत हेमोडायनामिक मानकों की निगरानी में चिकित्सकों की मदद करेगा।

क्रिटिकल केयर सेवाओं को मिलेगी मजबूती
एम्स बिलासपुर में इस उपकरण के स्थापित होने के बाद गंभीर मरीजों के उपचार के दौरान चिकित्सकों को महत्वपूर्ण हेमोडायनामिक जानकारी लगातार उपलब्ध हो सकेगी। इससे मरीज की स्थिति का अधिक बारीकी से आकलन करने और उपचार के दौरान आवश्यक निर्णय लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।