मेहली में खुलेगा बिजनेस का ‘नया दरवाजा’

शहर के बीच से हटाई जाएंगी मंडियां; कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में चर्चा, 300 बीघा मेें शिफ्ट होगी सब्जी

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला को बढ़ते ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने बड़ा प्लान तैयार किया है। शहर के बीचोंबीच चल रही मंडियों और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को अब शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए मेहली के समीप करीब 300 बीघा जमीन चिह्नित की गई है। इसी जमीन पर सब्जी मंडी, अनाज मंडी, लक्कड़ मंडी समेत ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। सोमवार को राजस्व एवं बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में इस महत्वपूर्ण योजना को लेकर चर्चा हुई। बैठक में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शहर के डिकंजेशन प्लान पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

बैठक में शिमला शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव और इसके कारण पैदा हो रही समस्याओं को लेकर मंथन किया गया। उपायुक्त ने प्रस्तुति में बताया कि शहर में हर दिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है। सब्जी मंडी, अनाज मंडी और लक्कड़ मंडी में आने वाले मालवाहक वाहनों के कारण भी शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में इन गतिविधियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करना डिकंजेशन प्लान का अहम हिस्सा है। मंडियों और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को शहर से बाहर ले जाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मेहली के समीप प्रस्तावित करीब 300 बीघा जमीन का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग, एपीएमसी, परिवहन विभाग, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जमीन की स्थिति, पहुंच मार्ग और भविष्य में विकसित होने वाली सुविधाओं को लेकर संभावनाओं का जायजा लिया।

कैबिनेट सब कमेटी में हुई प्रस्तुति, अब अगले फैसले का इंतजार

सोमवार को हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में उपायुक्त शिमला की ओर से दी गई प्रस्तुति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रस्तावित जमीन को मंडियों के स्थानांतरण और ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना के लिए उपयुक्त बताया गया है। अब इस प्रस्ताव को लेकर आगामी कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाना है। यदि योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में शिमला शहर के यातायात ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।