एफआईआर के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन

राजनीतिक द्वेष से कार्रवाई का आरोप, एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

सिटी रिपोर्टर – सुजानपुर
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा पर एफआईआर दर्ज होते ही सुजानपुर में जनाक्रोश फूट पड़ा है। सोमवार को भाजपा कार्यकत्र्ता सडक़ों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और राज्यपाल से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायतों का पिटारा खोल दिया। भाजपा मंडल सुजानपुर और बमसन के कार्यकत्र्ताओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। भाजपा मंडलों ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार विरोधी की बजाय राजनीतिक दुश्मन समझकर काम कर रही है और धड़ाधड़ पूरे प्रदेश में झूठी एफआईआर दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा। कांग्रेस गाली दे तो एफआईआर नहीं होती।

भाजपा अगर सरकार की नाकामियां और 10 गारंटियां याद दिलाए तो पलक झपकते एफआईआर दर्ज हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर स्थानीय विधायक रणजीत सिंह राणा व कांग्रेस पदाधिकारियों ने राजेंद्र राणा द्वार सरकार की नाकामियों को उजागर करने पर शिकायत दी थी और पुलिस ने तुरंत एफआईर दर्ज कर ली गई, लेकिन 14 जुलाई को हमीरपुर में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और अशोभनीय शब्द लिखे, उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा पदाधिकारियों ने राज्यपाल से मांग उठाई कि वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राणा पर दर्ज एफआईआर रद्द की जाए और राजनीतिक द्वेष में कानून का दुरुपयोग बंद किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम राणा और जसवंत सिंह, सुरेश ठाकुर व सुरेश चौहान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

48 घंटे का अल्टीमेटम

भाजपा ने सुजानपुर थाना प्रभारी के माध्यम से पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की कि 14 जुलाई को गांधी चौक हमीरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय और गाली लिखने वाले कांग्रेस नेताओं पर बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की जाए अन्यथा 48 घंटे बाद पुलिस थाना का घेराव किया जाएगा।