इसी सप्ताह खुलेगा ब्रिज, पठानकोट-मंडी फोरलेन से पांच-छह किलोमीटर घटेगा सफर,फोरलेन से बदलेगी कांगड़ा की कनेक्टिविटी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशाला
पठानकोट-मंडी फोरलेन का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। इस मेगा प्रोजेक्ट का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा लगभग बनकर तैयार हो चुका है। लंबे समय से लटके अहम चंबी पुल का निर्माण कार्य अंतत: पूरा हो गया है और इसी सप्ताह के अंत तक इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। राजोल से भेड खड्ड तक का फोरलेन पैच करीब करीब पूरी तरह चकाचक हो गया है। इस अहम पैच के शुरू होने से सफर की दूरी पांच से छह किलोमीटर तक कम हो जाएगी और वाहनों की रफ्तार 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी। इस फोरलेन के तैयार होने से हिमाचल प्रदेश का पड़ोसी राज्यों के साथ संपर्क और भी मजबूत हो जाएगा।
विशेषकर पंजाब के पठानकोट आना-जाना अब बेहद सुगम हो जाएगा। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल अमृतसर की ओर जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को इस शानदार कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे उनके सफर का समय काफी हद तक बचेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर उमाकांत मीणा ने बताया कि चंबी के फोरलेन पुल को इसी माह के अंत तक खोलने की तैयारी है। वर्तमान में चंबी पुल पर टेस्टिंग का काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में हुई भारी बरसात के कारण निर्माण कार्य कुछ हद तक प्रभावित जरूर हुआ था, लेकिन अब अन्य स्थानों पर भी काम को गति देने स्पीड अप के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही पूरा फोरलेन मार्ग क्लियर कर दिया जाएगा। कांगड़ा क्षेत्र में राजोल से लेकर चक्की ब्रिज तक सडक़ निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्त्वपूर्ण सेक्शन खोल दिए गए हैं।
भविष्य का वरदान साबित होगा फोरलेन
वर्तमान में निर्माण कार्यों के चलते कुछ स्थानों पर यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हो रहा है, लेकिन प्रोजेक्ट के पूरा होते ही यह लोगों के लिए एक स्थायी समाधान बन जाएगा। कांगड़ा और पठानकोट के बीच यह फोरलेन न केवल यात्रा के समय में भारी कमी लाएगा, बल्कि क्षेत्र की ओवरऑल कनेक्टिविटी और व्यापारिक आवाजाही को भी नई उड़ान देगा।
फोरलेन का यहां युद्ध स्तर पर जारी है काम
भेड खड्ड से जोंटा, 24 मील से ठठल, खज्जियां से भडवार और वाघनी से चक्की ब्रिज के बीच निर्माण कार्य अभी जारी है। जूसर फ्लाईओवर का काम भी अभी चल रहा है। हालांकि जसूर से कंडवाल तक काम करीब पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसियां सडक़ के साथ-साथ पुलों, कलवर्ट और नालियों के ढांचे को भी अंतिम रूप देने में जुटी हैं।