छोटा शिमला में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिवलिंगों की स्थापना कर किया भगवान शिव का पूजन, लोगों को शिवलिंग का महत्त्व भी बताया

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
श्रावण मास के पावन अवसर पर छोटा शिमला स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर शिव भक्ति में डूबा हुआ है। मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में छोटा शिमला और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंगलवार को सुंदरनगर के आचार्य चंद्रकांत के प्रवचनों के पश्चात शाम के समय श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पार्थिव शिवलिंगों की स्थापना एवं पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं ने स्वयं पार्थिव शिवलिंगों की स्थापना कर भगवान शिव का पूजन किया। श्रद्धालुओं ने स्वयं पार्थिव शिवलिंगों की स्थापना कर भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण एवं पूजन किया, जिससे पूूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ऊँ नम: शिवाय’ के जयघोष से गूंज उठा। आचार्य चंद्रकांत ने श्रद्धालुओं को पार्थिव शिवलिंग के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान शिव की आराधना में भाव और श्रद्धा का विशेष महत्व है। पार्थिव शिवलिंग पूजन में श्रद्धालु मिट्टी के शिवलिंग को भगवान शिव के प्रतीक रूप में स्थापित करता है और जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प, अक्षत तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव का स्मरण करता है। इस पूरी प्रक्रिया में भक्त का मन भगवान शिव के प्रति एकाग्र होता है और उसे आत्मिक शांति एवं भक्ति की अनुभूति होती है। इस दौरान पार्थिव शिवलिंग की स्थापना एवं पूजा को शिव भक्ति, आत्मशुद्धि और मनोकामना पूर्ति की भावना से किया जाता है।

आज शोभायात्रा और विशाल भंडारा

मधु जैरथ ने बताया कि 12 अगस्त को विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर भजन-कीर्तन के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं एवं शिव भक्तों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, छोटा शिमला पहुंचकर शिव महापुराण कथा, भजन-कीर्तन, शोभायात्रा एवं विशाल भंडारे में भाग लें तथा भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।