चीनी लहसुन सेहत के लिए खतरा

प्रतिबंध के बावजूद चोरी छिपे भारतीय बाजार में लाने की चर्चाएं तेज

निजी संवाददाता-शिलाई
देश में प्रतिबंधित बताए जाने वाले चीनी लहसुन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। आजादपुर मंडी के लहसुन आढ़ती एवं किसानों के मार्गदर्शक जितेंद्र खुराना ने दावा किया है कि चीनी लहसुन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे भारतीय बाजारों तक पहुंच रहा है। जितेंद्र खुराना ने कहा कि लहसुन को औषधीय गुणों के कारण लोग नियमित रूप से भोजन और घरेलू उपचार में इस्तेमाल करते हैं। उनके अनुसार सामान्य भारतीय लहसुन कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने, धमनियों को स्वस्थ रखने तथा कई अन्य स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति चीनी लहसुन का सेवन करता है तो वह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 में चीनी लहसुन की जांच में इसकी गुणवत्ता मानव स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई थी, जिसके बाद भारत में इसके आयात पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके बावजूद यह लहसुन कथित तौर पर ईरान, कुवैत, नेपाल तथा अन्य देशों के नाम पर भारतीय मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है। खुराना के अनुसार चीनी लहसुन देखने में अधिक सफेद, चमकदार और आकर्षक होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे चमकदार बनाने के लिए ब्लीचिंग सहित लेड जैसे घातक रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। उनका यह भी दावा है कि इसमें भारतीय लहसुन जैसी तीक्ष्णता और पोषक गुण नहीं होते। उन्होंने किसानों और सरकार से लोगों को जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को भारतीय किसानों द्वारा उत्पादित लहसुन को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे एक ओर किसानों की आय बढ़ेगी तो वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित लहसुन उपलब्ध होगा। उन्होंने किसानों से अपील कि है कि वह अपनी सरकारों व प्रतिनिधियों तक यह बात पहुचाएं व जल्द ही हिमाचल में इस बारे में एक जागरूकता कार्यक्रम करेंगे।