अब इलेक्ट्रिक व्हीकल ही पहली पसंद

नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री जुलाई में सालाना आधार पर 66 प्रतिशत बढक़र 3,27,901 इकाई पर पहुंच गई। वाहन डीलरों के महासंघ फाडा द्वारा शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में बिकने वाला तकरीबन हर आठवां वाहन अब इलेक्ट्रिक है। इलेक्ट्रिक दुपहिया की बिक्री पहली बार दो लाख के पार पहुंची है। अब 11.2 प्रतिशत दुपहिया ईवी हैं। जुलाई में देश में कुल 2,04,362 इलेक्ट्रिक दुपहिया बिके, जो एक साल पहले के मुकाबले 88 प्रतिशत अधिक है।

टीवीएस के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 135 फीसदी बढक़र 55,499 इकाई पर पहुंच गई। बजाज ऑटो की बिक्री 122 प्रतिशत बढ़ी और 45,613 इकाई पर रही। एथर एनर्जी 30,357 इकाई के साथ तीसरी स्थान पर रही। इसकी बिक्री में 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यात्री वाहनों (कार, उपयोगी वाहन और वैन) के बाजार में ईवी की हिस्सेदारी 7.9 प्रतिशत हो गई। कुल बिक्री सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढक़र 32,928 इकाई हो गई। टाटा मोटर्स की बिक्री 103 प्रतिशत बढक़र 13,678 इकाई रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 127 फीसदी की वृद्धि के साथ 7,742 इकाई रही। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर की बिक्री में चार प्रतिशत की गिरावट के बाद भी वह तीसरे स्थान पर रही। उसने कुल 5,689 यात्री वाहन बेचे। तिपहिया में ईवी की हिस्सेदारी 65.1 प्रतिशत हो गई है। तिपहिया में ईवी अब विकल्प की जगह मूल पसंद बन गया है।

जुलाई में देश में 87,055 इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ। यह एक साल पहले के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। महिंद्रा समूह की तिपहिया ईवी की बिक्री 45 प्रतिशत बढक़र 14,191 इकाई पर रही। बजाज ऑटो ने जुलाई में 13,442 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जो सालाना आधार पर 74 प्रतिशत अधिक है। इस खंड में टीवीएस मोटर कंपनी की बिक्री 98 फीसदी बढक़र 4,473 इकाई हो गई। वाणज्यिक वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 3.6 फीसदी रही। इनकी बिक्री एक साल पहले की तुलना में 169 प्रतिशत बढक़र 3,556 इकाई हो गयी। इस खंड में 1,306 इकाई के साथ टाटा मोटर्स सबसे आगे है। एक साल पहले की तुलना में यह 288 प्रतिशत ऊपर है। सबसे लंबी छलांग यूलर मोटर्स ने लगाई है, जिसकी बिक्री जुलाई 2025 की 72 इकाई की तुलना में 777 इकाई पर पहुंच गयी। यह 979 प्रतिशत की वद्धि दिखाता है। महिंद्रा समूह 362 इकाई के साथ तीसरे स्थान पर रहा। उसकी बिक्री सालाना 19 प्रतिशत बढ़ी है।