रेन शैल्टर के नीचे से जमीन खिसकी, हादसे का डर

ल्हासा खिसकने से नींव पर मंडराया खतरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

स्टाफ रिपोर्टर-गगरेट
होशियारपुर-चिंतपूर्णी मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई वर्षाशालिका बरसात के चलते क्षतिग्रस्त हो गई है। लगातार बारिश के कारण ल्हासा खिसकने से वर्षाशालिका के नीचे की मिट्टी हट गई है। इससे इसके अस्तित्व पर ही खतरा मंडरा रहा है। वर्षाशालिका की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। मां चिंतपूर्णी ट्रस्ट के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्ग विंग ने होशियारपुर-चिंतपूर्णी मार्ग पर श्रद्धालुओं को बारिश और धूप से राहत देने के लिए कई वर्षाशालिकाओं का निर्माण करवाया था। इनमें से क्षतिग्रस्त हुई वर्षाशालिका इन दिनों खतरे की जद में है। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण सडक़ के किनारे लहासा खिसकने से इसके नीचे की मिट्टी बह गई। इससे वर्षाशालिका की नींव कमजोर होने की आशंका है।

हो सकता है बड़ा नुकसान

श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इस मार्ग पर वर्षाशालिका का इस्तेमाल लोग बारिश से बचने और आराम करने के लिए करते हैं। ऐसे में यदि कोई श्रद्धालु इसके नीचे बैठा हो और अचानक वर्षाशालिका का हिस्सा धंस जाए या पूरी संरचना बैठ जाए तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। यही वजह है कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने समय रहते इसकी सुरक्षा जांच करवाने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग विंग के सहायक अभियंता नरेश कौशल ने बताया कि वर्षाशालिका की स्थिति का जल्द आकलन करवाया जाएगा। यदि संरचना श्रद्धालुओं के लिए असुरक्षित पाई गई तो एहतियातन इसे बंद करवाया जाएगा।