मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर बी-ब्लॉक अपग्रेड, बच्चों के लिए बाल-मित्र माहौल
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में मरीजों को बेहतर उपचार के साथ सुविधाजनक और सकारात्मक माहौल उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश और प्रदेश सरकार की मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिबद्धता के तहत अस्पताल के बी-ब्लॉक को अपग्रेड और सुदृढ़ किया गया है। बी-ब्लॉक के वार्डों में मरीजों और तीमारदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे, वार्ड के वातावरण और उपलब्ध सुविधाओं में सुधार किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार चिकित्सा सेवाओं के साथ मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित, आरामदायक और गरिमापूर्ण वातावरण देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाल रोगियों के लिए वार्ड को आकर्षक, सकारात्मक और बाल-मित्र बनाया गया है।
दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी और रंगीन सजावट के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार किया गया है, जिससे बच्चों में अस्पताल को लेकर भय कम हो और उपचार के दौरान उन्हें सकारात्मक माहौल मिल सके। इसके अलावा स्वच्छता, रखरखाव और मरीजों की सुविधाओं में भी सुधार किया गया है। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने कहा कि सरकार के मार्गदर्शन में संस्थान का उद्देश्य केवल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि मरीजों के समग्र अनुभव और संतुष्टि में सुधार करना भी है। बी-ब्लॉक का उन्नयन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा की आईजीएमसी में प्रदेश के साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। ऐसे में सेवाओं और आधारभूत सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। भविष्य में भी अस्पताल के विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों में चरणबद्ध सुधार जारी रहेगा।