तीन माह से नहीं मिला वेतन, सरकार के विरोध में नहीं करेंगी छुट्टी
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
मिड-डे मील कर्मचारियों को पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रक्षाबंधन के अवसर पर अवकाश नहीं दिए जाने से महिला कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। मिड-डे मील कार्यकर्ता संघ ब्लॉक मशोबरा की प्रधान प्रीती ठाकुर ने सरकार से लंबित मानदेय जल्द जारी करने और महिला कर्मचारियों को अन्य महिला कर्मचारियों की तर्ज पर त्योहारों पर विशेष अवकाश देने की मांग की है। प्रीती ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में महिला कर्मचारियों को रक्षाबंधन, करवाचौथ और भैया दूज जैसे त्योहारों पर विशेष अवकाश दिया जाता है, लेकिन मिड-डे मील में कार्यरत महिलाओं को इन अवसरों पर भी ड्यूटी करनी पड़ती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मिड डे मील कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मात्र 5,500 रुप, प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो पहले ही काफी कम है। इसके बावजूद पिछले तीन माह से भुगतान नहीं हुआ है। कई परिवारों का घरेलू खर्च इसी मानदेय पर निर्भर है। ऐसे में त्योहार के समय भुगतान न होने से कर्मचारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रीती ठाकुर ने बताया कि लंबित मानदेय जारी करने की मांग को लेकर संघ की महिला कर्मचारियों ने शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली से मुलाकात की थी, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से उनके मूल कार्य के अलावा पानी की टंकियों की सफाई और किचन गार्डनिंग जैसे अतिरिक्त काम भी करवाए जा रहे हैं। उधर, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मशोबरा नीलम ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन स्कूल खुले रहेंगे। बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के बाद महिला कर्मचारी घर जा सकती हैं।