नगरोटा के चार करोड़ी स्पोट्र्स कांप्लेक्स को लगा ग्रहण

कछुआ गति से निर्माण; एक साल बाद भी अधूरा, चर्चाओं का बाजार गर्म

कार्यालय संवाददाता-नगरोटा बगवां
नगरोटा बगवां के हटवास में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय स्पोट्र्स कांप्लेक्स के कछुआ गति से चल रहा निर्माण अब एक बार फिर लोगों में चर्चा का विषय बन गया है । प्रदेश अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक निदेशालय के सौजन्य से कल्याण विभाग द्वारा एक कम्पनी के साथ हस्ताक्षरित एमओयू के तहत समूचा निर्माण गत वर्ष ही जून माह में पूरा हो जाना तय था लेकिन एक साल बाद भी निर्माण कार्य न केवल अधूरा है बल्कि पूर्ण रूप से ठप्प पड़ा है जो कई सवाल पैदा कर रहा हैं। आलम यह है कि बरसात के इन दिनों में मैदान की सूरत इस कदर बिगड़ चुकी है कि लोगों का आना जाना भी दूभर हैं। जिस बहुद्देशीय कॉम्प्लेक्स पर समूचे विधान सभा क्षेत्र की नजरें थीं उस पर तत्कालीन समय 4 करोड़ 10 लाख की प्रस्तावित राशि खर्च होनी थी तथा इसका जिम्मा एक कंपनी को सौंपा था। भतालू नामक मैदान की करीब 5 कनाल भूमि में एक भव्य बहुद्देशीय कांप्लेक्स बनना प्रस्तावित था, जिसमें एक फब्बारा, बास्केटबाल तथा बैडमिंटन कोर्ट, ओपन जिम, चिल्ड्रन पार्क, चैस तथा कैरम कक्ष, टीवी कक्ष, पार्क और पार्किंग का निर्माण नक्शे के मुताबिक होना था । इसकी निर्माण प्रक्रिया वर्ष 2023 में ही भी हस्तांतरण से शुरू हो गई थी तथा मार्च 2024 में विधिवत आधारशिला रखकर निर्माण का भी शुभारंभ हो गया था । शुरू से ही विवादों में रहा निर्माण कब पूरा होगा आज भी संशय बना हुआ है ।

इससे पहले भी कंपनी और ठेकेदार के बीच उठे मसलों की वजह से निर्माण प्रभावित बताया जा रहा है । दिलचस्प यह है कि जिला कल्याण विभाग स्वयं व जिला प्रशासन के माध्यम से निर्माण एजेंसी को कई बार नोटिस थमा कर निर्माण गति को लेकर जवाब तलबी कर चुका है, लेकिन हैरानी की बात है कि इस अवधि में कई बार पूरी तरह रुक चुके निर्माण को कभी गति मिल ही नहीं पाई। विभाग ने एक साल पहले भी निर्माण के प्रति अपनी नाराजगी और तल्खी दिखाते हुए कंपनी से जवाब मांगा था, जिसके बाद कुछ समय के लिए मौके पर हलचल तेज हुई, लेकिन अब काम पूरी तरह से बंद होने से एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है । स्थानीय लोगों ने उस समय एक और जहां अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए क्षेत्र के ऐतिहासिक मेला मैदान के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए प्रशासन का दरवाजा खटखटाया था, वहीं परियोजना से मिलने वाली सुविधाओं की एक सुकून भरी उम्मीद भी महसूस की जा रही थी। लोगों का कहना है कि सरकार ने गांव के एक मात्र मेला व खेल मैदान में एक महत्वाकांक्षी परियोजना का स्वप्न दिखाया था जो जल्द पूरा होना चाहिए । इस बावत स्थानीय विधायक भी निर्माण गति को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं तथा संबंधित विभाग को हस्तक्षेप कर निर्माण को अंजाम तक पहुंचाने के निर्देश दे चुके हैं।

जिला- तहसील कल्याण अधिकारी के बोल
इस बावत जब जिला व तहसील कल्याण अधिकारी से बात की तो उन्होंने स्वीकारा कि उक्त प्रोजेक्ट पर इन दिनों निर्माण कार्य बंद पड़ा है तथा दूसरी ओर एक बार फिर वही बात दोहराई कि अधिकृत निर्माण कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है । उन्होंने निर्माण में देरी की वजह कंपनी और ठेकेदार के बीच का कोई मसला बताते हुए समाधान की उम्मीद जताई है ।